भाटागांव के नाश्ता सेंटर में महिलाओं ने नाबालिग लड़की को जमकर पीटा, नाबालिग को कोर्ट में किया पेश, ये था विवाद का कारण……….।

रायपुर : अभी बीते सप्ताह सिगरेट के पैसे मांगने पर कुशालपुर में एक बुजुर्ग को बदमाशों ने पीट दिया, बूढातालाब के पास से भी चार दिन पहले ऐसी ही घटना सामने आई है, संतोषी नगर में चाय के पैसे मांगने पर वहां के कर्मचारी को बीते वर्ष चाकू मार दिया, टाटीबंध के आसपास से ऐसी ही कई घटनायें सामने आ चूकी है , वाहन टकराने पर मारपीट की कई घटनायें लगातार होती रहती है, मामूली विवाद पर भी कई घटनायें सामने आ चूकी है, जोर जबरदस्ती बदमाश दुकानदारों से सामान लेकर पैसे न देने के नाम के लिये अपनी धौस दिखाते है, हालांकि पुलिस ने सभी अपराधियों के खिलाफ काफी तगड़ी कार्यवाही की है, फिर भी आम आदमी के अन्दर जो डर बैठता जा रहा है। अब यहाँ मामला एक नाबालिग लड़की से जुड़ा हुआ है, जिसने डोसा खाने के बाद पैसे देने से मना कर दिया।

राजधानी के भाटागांव बस स्टैंड पर 3 महिलाओं ने मिलकर एक नाबालिग लड़की की जमकर पिटाई कर दी है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि डोसे के पैसे को लेकर हुए विवाद में ये मारपीट की गई है। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, 16 साल की नाबालिग ने बस स्टैंड के सामने कान्हा नाश्ता सेंटर में डोसा खाया। जब दुकानदार ने उससे पैसे मांगे, तो लड़की ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इससे दुकानदार और नाबालिग के बीच विवाद होने लगा। नाबालिग लड़की ने दुकानदार के साथ गाली-गलौज भी शुरू कर दी। जिसके बाद नाश्ता सेंटर की 3 महिलाएं उसे चारों तरफ से घेरकर पीटने लगीं। महिलाओं ने नाबालिग को हाथ और मुक्के से जमकर पीटा। विवाद काफी बढ़ता गया इसी बीच वहां ट्रैफिक पुलिस और लोगों ने बीच – बचाव किया।

इधर सूचना मिलने पर डायल 112 और ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन महिला कॉन्स्टेबल के नहीं होने के कारण तुरंत इन्हें छुड़ा नहीं सके। हालांकि जैसे-तैसे विवाद शांत कराया गया। इसके बाद पुलिस इन्हें लेकर टिकरापारा थाने ले आई। पुलिस ने बताया कि युवती बस स्टैंड के पास ही रहती है। पुलिस ने बताया कि घटना 4 दिन पहले की है। टिकरापारा थाना प्रभारी अमित बेरिया ने बताया कि आरोपी नाबालिग लड़की को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे 5 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत दे दी गई है। वहीं महिलाओं के खिलाफ काउंटर केस दर्ज नहीं होने के कारण उन पर कोई कार्यवाही नहीं की गई है।