“बढ़ते कदम” ने स्व. अनिल गुरुबक्षानी की पुण्यतिथि को “मानव सेवा दिवस” के रूप में मनाई, 75 यूनिट रक्तदान कराया और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये।

रायपुर : स्व. अनिल गुरुबक्षानी एक ऐसे व्यक्तित्व थे जिन्होंने समाज सेवा को नये आयाम दिये, उन्होंने बढ़ते कदम संस्था के जरिये मानव सेवा में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया, वास्तविक सच्ची सेवा क्या होती है, उन्होंने समाज के युवाओं को सिखाया और उनके लिये प्रेरणा स्रोत बने, आज उनकी इसी संस्था के बैनर में कई समाजसेवी युवा एवम् अन्य अपनी सेवाएं निरंतर समाज को दे रहे है, स्व. अनिल गुरुबक्षानी की पुण्यतिथि 14 जुलाई को मनाई जाती है, जिसे संस्थागत सदयों ने “मानव सेवा दिवस” का नाम दिया जाता है, इसी अवसर पर उन्होंने तीन दिवसीय सेवा कार्यों का आयोजन किया। ये सभी कार्यक्रम 14 जुलाई , 15 जुलाई और 16 जुलाई को आयोजित किये गये।

“बढ़ते कदम” संस्था के संस्थापक स्व.श्री अनिल गुरुबक्षाणी की 11 वीं पुण्यतिथि पर 3 दिवसीय मानवसेवा दिवस मनाते हुये चेंबर अध्यक्ष श्री अमर पारवानी जी के मुख्य आतिथ्य में 23 होनहार विद्यार्थियों को 2,33,000 ₹ की छात्रवृत्ति प्रदान की गई । साथ ही शहर के विभिन्न आश्रमों में अन्नदान भी किया गया। रक्तदान प्रभारी बंटी जुमनानी व यथार्थ गुरुबक्षाणी ने भारी बारिश होने के बावजूद रक्तदान के लिए लोगों को जागरूक करते हुवे झूलेलाल सरोवर मरीन ड्राइव में आशीर्वाद ब्लड बैंक के सहयोग से एवं विधायक कुलदीप जुनेजा जी की उपस्थिति में 75 यूनिट रक्तदान कराकर अपने आप में कीर्तिमान स्थापित किया है। उल्लेखनीय है कि प्रथम रक्तदाता एक महिला रहीं,और रक्तदान के लिए महिलाओं की जागरूकता और उत्साह देखकर संस्था सेल्यूट करती है।

प्रभारियों नें ये कहते हुये अफसोस जाहिर किया कि काश थोड़ी देर के लिए भी बारिश थम जाती तो हम गुरुजी की 11वीं पुण्यतिथि पर अपने 111 यूनिट रक्तदान के लक्ष्य को जरूर पूरा करा लेते। कोचिंग सेंटर के इंचार्ज बसंत रोहरा एवं संस्था प्रवक्ता सुंदर बजाज नें आगे बताया कि – बढ़ते कदम दल्लीराजहरा के संयुक्त तत्वाधान में सिंधु भवन दल्लीराजहरा में 250 होनहार विद्यार्थियों एवं टीचर्स के बीच भारत के गौरव,अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मोटिवेशनल स्पीकर एवं ट्रेनर सैयद फ़ाजिल सर द्वारा एटीट्यूट चेंजिंग प्रोग्राम कराया गया। फ़ाजिल सर को सुनने की दीवानगी की हद तब हो गई,जब ढाई घँटे के सेशन के बाद भी हाल खचाखच भरा रहा और विद्यार्थियों की जिज्ञासाएं पूरी नहीं की जा सकीं, छात्रों और टीचर्स नें जल्द ही एक और प्रोग्राम देने का वादा लेकर ही प्रोग्राम का समापन कराया। संस्था बढ़ते कदम परिवार द्वारा सभी सेवाओं में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोगियों एवं दानदाताओं का आभार प्रकट किया गया।