धोखाधड़ी से गिरवी की जमीन को करवा लिया अपने नाम रजिस्ट्री, जुर्म दर्ज।

बिलासपुर : फर्जी दस्तावेज से गिरवी जमीन को अपने नाम करवाने का मामला सामने आया है, सकरी स्थित 56 डिसमिल जमीन को परिचित ने गिरवी रखने के बाद अपने नाम पर रजिस्ट्री करा लिया। इसकी जानकारी होने पर पीड़ित ने दस्तावेज निकलवाये। इसमें उन्हें फर्जीवाड़े की जानकारी हुई। पीड़ित ने मामले की शिकायत तारबाहर थाने में की है। इस पर पुलिस ने जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। पुलिस इस मामले में कार्यवाही कर रही है।

पीड़ित विद्यानगर में रहने वाले शरद तिवारी ने धोखाधड़ी की शिकायत की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी कंचन तिवारी के नाम पर सकरी में 56 डिसमिल जमीन है। जमीन के एवज में उन्होंने अपने परिचित सुकांत विश्वकर्मा और उसकी पत्नी कविता विश्वकर्मा से 25 लाख रुपये उधार लिया था। जमानत के तौर पर उन्होंने 25 लाख रुपये का चेक दिया। साथ ही जमीन को गिरवी रखने और ब्याज समेत 43 लाख रुपये वापस करने का नौ अक्टूबर 2018 को इकरारनामा किया। साथ ही एक मुख्तियारनामा सुकांत के नाम पर लिखकर दे दिया। उसके बाद भी उन्होंने जमीन को धोखाधड़ी कर फर्जी दस्तावेज से जमीन अपने नाम करवा ली।

लिखापढ़ी होने के दूसरे दिन ही सुकांत ने चेक को जबरदस्ती बैंक में लगाकर बाउंस करा दिया। इसके एक महीने बाद सुकांत ने न्यायालय में परिवाद पेश कर दिया। न्यायालय में मामला लंबित रहने के दौरान ही मुख्तियार नामा के आधार पर सुकांत ने अपने ही नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करा ली। इसकी जानकारी होने पर शरद ने अपनी जमीन को वापस करने कहा। इस पर सुकांत टालमटोल करने लगा। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

न्यायालय के आदेश पर वापस कर दिए रुपये :

पीड़ित शरद तिवारी ने पुलिस को बताया कि न्यायालय में सुकांत ने रुपये की वसूली के लिए परिवाद लगाया था। इसकी सुनवाई के दौरान न्यायालय के आदेश पर उन्होंने उधारी में लिए रुपये ब्याज समेत सुकांत को वापस कर दिया है। इसके बाद भी उसने मुख्तियारनामा के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम पर करा ली है। अब वह जमीन को वापस करने टालमटोल कर रहा है। इसको लेकर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, जिसको लेकर पुलिस तहकीकात कर रही है।