तय समय से डेढ घंटे पहले आई ट्रेन और चलती बनी, स्टेशन पर छूटे यात्री रह गये अवाक, और फिर…..।

मुंबई (महाराष्ट्र) : कभी – कभार ऐसा भी हो जाता है, लेकिन लोग मानते नहीं, ट्रेन देरी से चलने के कारण अपना समय कई बार कवर कर लेती है और अपने गंतव्य पर पहुँच भी जाती है, लेकिन जिस ट्रैक में ट्रेन खड़ी होती है तो उसके पीछे आने वाली ट्रेन के लिये खड़ी ट्रेन को भी समय से पहले ही सिग्नल देना पड़ जाता है, ऐसी ही एक घटना हुई, नासिक में मनमाड़ जंक्शन पर ट्रेन का इंतजार कर रहे 50 यात्री उस समय हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि उनकी ट्रेन डेढ घंटे पहले ही स्टेशन पर आ गई थी और पांच मिनट बाद ही, उन्हें लिए बिना रवाना भी हो गई। खबर है कि ट्रेन तय समय से पहले ही स्टेशन पहुँच गई थी।

रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली जाने वाली वास्को डी गामा-हजरत निजामुद्दीन गोवा एक्सप्रेस बृहस्पतिवार को परिवर्तित मार्ग से होते हुए नौ बजकर पांच मिनट पर मनमाड स्टेशन पहुंच गई. इस ट्रेन का मनमाड़ पहुंचने का समय 10 बजकर 35 मिनट है, लेकिन यह तय समय से 90 मिनट पहले ही मनमाड़ जंक्शन पहुंच गई, उन्होंने बताया कि ट्रेन पांच मिनट ही रुकी और लगभग 50 यात्रियों को लिए बिना मनमाड़ स्टेशन से रवाना हो गई, जिसके बाद स्टेशन पर अफरा तफरी मच गई, यात्री इस घटना को लेकर हैरान हो गये।

अधिकारी ने बताया कि जब यात्री ट्रेन में चढ़ने के लिए सुबह करीब नौ बजकर 45 मिनट पर स्टेशन पहुंचे तो वे यह देखकर हैरान रह गए कि ट्रेन उन्हें छोड़कर कब की जा चुकी है। परेशान यात्री स्टेशन प्रबंधक के कार्यालय गए और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की, जिसको लेकर मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि प्रभावित यात्रियों को गीतांजलि एक्सप्रेस में बिठाया गया।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवराज मानसपुरे ने बताया कि यह रेलवे कर्मचारियों से गलती से हुआ और इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गीतांजलि एक्सप्रेस को ठहराव न होने के बावजूद मनमाड़ पर रोका गया, यात्री जलगांव पहुंचे, जहां गोवा एक्सप्रेस को उनके आने तक रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि गोवा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से पहले मनमाड़ इसीलिए पहुंची, क्योंकि इसका नियमित मार्ग बेलगामी-मिराज-दौंड मार्ग बदल कर रोहा-कल्याण-नासिक रोड मार्ग कर दिया गया था। जब यात्रियों को उनकी ट्रेन में बैठाया गया तब जाकर उन्होंने राहत की साँस ली।