वाराणसी (उ.प्र.) : ज्ञानवापी मस्जिद है या मंदिर इस पर सदियों से विवाद चलता रहा है, जिसे हिन्दू पक्ष मंदिर मानता आया है और मुस्लिम पक्ष इसे मस्जिद बताते है, अब इस मुद्दे को लेकर प्रयागराज हाईकोर्ट में केस चल रहा है, अब इस मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात कही है, ज्ञानवापी मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा बयान दिया है। समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वहां त्रिशूल क्या कर रहा था? यदि इसको मस्जिद कहेंगे तो यह गलत होगा।
योगी के मुताबिक, “वहां मौजूद साक्ष्य चीख-चीख कर सच्चाई बयान कर रहे हैं। वक्त आ गया है कि मुस्लिम समाज आए गए और कहे कि ऐतिहासिक गलती हुई है और इसका समाधान निकाला जाए।”
शब्दश: पढ़िए क्या कहा योगी आदित्यनाथ ने :
अगर हम उसको मस्जिद कहेंगे तो विवाद होगा। मुझे लगता है कि भगवान ने जिसको दृृष्टि दी है वो देखें ना। त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है, हमने तो नहीं रखे? ज्योर्तिलिंग है, देव प्रतिमाएं हैं, पूरी दीवारें चिल्ला-चिल्लाकर क्या कह रहीं है? और मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समाज की तरफ से आना चाहिए कि साहब एतिहासिक गलती हुई है और उस गलती के लिए हम चाहते हैं, समाधान हो।
यूपी के सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है जब ज्ञानवापी पर निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में सुनवाई चल रही है। ताजा मामला ASI सर्वे का है। मुस्लिम पक्ष ने इसका विरोध किया है। प्रयागराज हाईकोर्ट को 2 अगस्त को इस पर फैसला सुनाना है। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। इससे पहले हुए सर्वे में शिवलिंग नुमा आकृति मिलने की पुष्टि हुई है। हिंदू पक्ष इसे ही काशी विश्वनाथ बता रहा है, जबकि मुस्लिम पक्ष उसे फव्वारा करार दे रहा है। जबकि अधिकतर सबुत हिन्दू पक्ष के मंदिर होने के दावे को मजबूत कर रहे है।