डायरेक्टर की पहली पसंद ‘गब्बर’ के लिए कौन था? अमजद खान से पहले इस एक्टर को ऑफर हुआ था ये रोल, बदल दिया गया था फिल्म का क्लाइमेक्स।

मनोरन्जन : बॉलीवुड की ऑल टाइम फेवरेट फिल्मों में ‘शोले’ का नाम सबसे टॉप पर आता है। इस फिल्म को रमेश सिप्पी ने डायरेक्ट किया था। फिल्म का हर किरदार इस तरह से लिखा गया था कि वो यादगार बन गए। फिर चाहे वो जय-वीरू का किरदार रहा हो, या फिर बसंती, ठाकुर या सांबा का किरदार, हर एक किरदार को भर-भर के प्यार मिला। इसी फिल्म में एक किरदार था ‘गब्बर’ का, जिसने लोगों की रूह कपा दी थी। आज भी लोग बच्चों को डराने के लिए कहते हैं कि गब्बर आ जाएगा। गब्बर का रोल फिल्म के इतिहास में अमर हो गया।

अमजद खान नहीं थे ‘गब्बर’  के लिए पहली पसंद :

सब जानते है कि ‘गब्बर’ का आइकॉनिक किरदार अमजद खान ने प्ले किया था, जिसके बाद वो घर-घर में इसी नाम से मशहूर हो गए थे। उनका फेमस डायलॉग ‘कितने आदमी थे…’ आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा रहता है। इतना ही नहीं ‘गब्बर’ नाम सुनते ही अमजद खान का पूरा गेटअप याद आ जाता है। ऐसा लगता है मानो ये किरदार उन्हीं के लिए बनाया गया हो। हर किसी के जहन में बस यही आता है कि ये किरदार उनसे बेहतर शायद कोई कर ही नहीं सकता था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेकर्स के मन में अमजद खान से पहले किसी और का नाम ‘गब्बर’ के किरदार के लिए आया था? आइये जानते है वो कौन सा नाम था ?

पहली प्राथमिकता में था ये नाम :

जी हां, अमजद खान से पहले मेकर्स इस किरदार की कास्टिंग को लेकर थोड़ा कंफ्यूज थे। मेकर्स ये नहीं समझ पा रहे थे कि इस किरदार के लिए किसे कास्ट किया जाए। शुरुआती वक्त में ‘गब्बर’ के किरदार के लिए मेकर्स के दिमाग में डैनी डेनजोंगपा का नाम आया था। डैनी डेनजोंगपा को ये रोल ऑफर भी किया गया था, लेकिन डैनी डेनजोंगपा ने इस रोल को ठुकरा दिया। बाद में ये रोल अमजद खान को ऑफर किया गया।

फिल्म में नजर आए थे ये एक्टर्स 

‘शोले’ की कहानी को न सिर्फ लोगों ने पसंद किया, बल्कि हर एक किरदार पर जमकर प्यार लुटाया। फिल्म में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र, जय-वीरू के किरदार में नजर आए थे। हेमा मालिनी फिल्म में बसंती तांगे वाली बनी थीं।  इसके अलावा फिल्म में संजीव कुमार, सत्येन कप्पू, सचिन, असरानी, अमजद खान और जया बच्चन जैसे कलाकारों ने जान फूंक दी थी। फिल्म में सब किरदार लोगों को पसंद आये थे।

बदला गया था फिल्म का क्लाइमेक्स :

फिल्म में आप जो क्लाइमेक्स देखते है, असल वो ऐसा नहीं बनाया गया था, असली क्लाइमेक्स में ठाकुर ही गब्बर को पैरों से रौंदता है, जिसमें वो उसके हाथों पर चोट करता है, लेकिन बाद में राजनैतिक कारणों से इसका क्लाइमेक्स बदला गया था।