जगदलपुर : बस्तर में धर्मांतरण के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। बुधवार को धर्मांतरित महिला की मौत के बाद उसके शव दफनाने को लेकर दो पक्षों के बीच बवाल हुआ है। जिसके बाद दरभा थाना इलाके के कड़मा गांव में तनातनी का माहौल बना हुआ है। गांव वालों का कहना है कि, मृत महिला का परिवार ईसाई धर्म को मानता था। इसलिए गांव में शव दफनाने नहीं देंगे। यदि मृत महिला का परिवार मूल धर्म में लौटता है तो गांव में शव दफनाने जमीन दी जाएगी। फिर अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में गांव के लोग भी शामिल होंगे। इस प्रकार की घटना यहाँ पहले भी हो चुकी है, उस समय भी काफी बवाल मचा था।
यहाँ हालात को कंट्रोल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स की भी तैनाती की गई है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है। दरअसल, जिले के बड़े कड़मा पंचायत के धुमागुड़मा पारा की रहने वाली महिला बुधरी (38) की किसी गंभीर बीमारी के चलते 12 सितंबर की शाम मौत हो गई। बुधवार 13 सितंबर की सुबह परिवार के सदस्य गांव में ही शव को दफनाने वाले थे। जिसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली। फिर बुधवार सुबह गांव के लोग मृत महिला के घर के बाहर इकट्ठा हो गए। जहाँ उन्होंने महिला के शव को दफनाने से मना करने लगे।
शव दफनाने पर विवाद के कारण सुरक्षा बल तैनात :
गांव के ग्रामीणों ने शव दफनाने के लिए गांव में जमीन देने से मना कर दिया था। इसे लेकर धर्मांतरित परिवार के सदस्यों और गांव वालों के बीच बवाल भी हुआ। ऐसा बताया जा रहा है कि, इसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच मारपीट की भी स्थिति बनी थी। इसमें पक्ष और विपक्ष दोनों आमने – सामने हो गये और माहौल ख़राब होने लगा, इस विवाद की जानकारी पुलिस को मिली जिसके बाद SDOP ऐश्वर्य चंद्राकर समेत दरभा , परपा और कोडेनार इन तीनों थाना के जवानों को मौके पर तैनात किया गया। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को किसी तरह से नियंत्रण में कर रखा है। फोर्स की मौजूदगी में दोनों पक्षों के लोग आपस में बातचीत कर रहे हैं। जब तक मामला शांत नहीं हो जाता तब तक बाहरी लोगों को भी गांव में घुसने नहीं दिया जा रहा है। आशंका है कि बाहरी लोगों के आने के बाद क्षेत्र का माहौल बिगड़ सकता है।
उप सरपंच बोले- मूल धर्म में लौटने हामी भरे हैं :
गांव के उपसरपंच महेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि, धर्मांतरित परिवार के सदस्यों से हमारी बातचीत हुई है। 2 परिवारों ने मूल धर्म में लौटने के लिए हाँ कहा है। जब ये दोनों परिवार मूल धर्म में लौटेंगे तभी मृत महिला के शव को दफनाने जमीन देंगे। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच अभी बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि, इस गांव की जनसंख्या लगभग 900 लोगों की है। गांव के 10 से 12 परिवारों ने ईसाई धर्म को अपना लिया है।
अफसर बोले – स्थिति कंट्रोल में है
दरभा तहसीलदार चित्रसेन साहू ने कहा कि, गांव वालों से बातचीत कर, सभी की सहमति के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जायेगा। SDOP ऐश्वर्य चंद्राकर ने कहा कि, हमें इस मामले की जानकारी मिली तो मौके पर पहुंचे। मामला अभी शांत है। स्थिति नियंत्रण में है, यहाँ पुलिस बल तैनात किया गया है। किसी प्रकार की घटना को अंजाम दे पाना यहाँ मुश्किल होगा।