तीन मासूमों के हत्यारों सलमान, बिलाल और इमरान को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा, मासूमों का किया था अपहरण, मामले में जज ने कहा ये….।

बुलंदशहर (उ.प्र.) : 25 मई 2019 को फिरौती के लिए आरोपियों ने बच्चों को किडनैप करने के बाद हत्या कर दी थी। फिर शवों को ट्यूबवेल में फेंक दिया था। आरोप है कि इन्होने इफ्तार में बेइज्जती का बदला लेने के लिए बच्चों को किया था किडनैप।

बुलंदशहर कोर्ट में 4 साल बाद तीन बच्चों की अपहरण-हत्या के इस मामले में फैसला सुनाया। बुधवार को ADJ मनु कालिया की कोर्ट ने सलमान, बिलाल और इमरान को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। फैसला सुनाते वक्त जज ने कहा कि तीनों हत्यारों को मरते दम तक फंदे से लटकाए रखा जाए। फैसला सुनाते समय जज भी काफी भावुक हो गये।

हत्या के इन आरोपियों को सजा मिलने पर तीनों बच्चों के घरवालों ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा – हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा था। हमें न्याय मिला है। इसके लिए हम कोर्ट के आभारी रहेंगे।

ये था मामला :

4 साल पहले यानी 24 मई 2019 को बुलंदशहर के फैसलाबाद में हाफिज के घर में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। इफ्तार के बाद तीनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। रात 10 बजे हाफिज की बेटी अलीबा (8) उसके पड़ोसी आलम की बेटी आसमा (7) और हसीन का बेटा अब्दुल (8) अचानक लापता हो गए। बच्चों के घरवालों और रिश्तेदारों ने आस-पास बच्चों की तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला।

मुंशी ने घटना की जानकारी नहीं दी थी अधिकारियों को :

इसके बाद रात में परिजनों ने बच्चों की गुमशुदगी की सूचना नगर कोतवाली में लिखित रूप से दे दी। मगर थाने के मुंशी ने सूचना को अफसरों को देने के बजाय दबा दिया। 25 मई की सुबह तीनों बच्चों के शव घर से 7 किलोमीटर दूर धतूरी गांव के एक ट्यूबवेल में लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले थे। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि बच्चों को 2-2 गोलियां यानी 6 गोलियां मारी गई थीं, जिसकी जानकारी लगने पर परिजन रो पड़े।

निलंबित कर दिये गये थे कोतवाल और मुंशी :

SSP की जांच में इंस्पेक्टर सिटी ध्रुव दुबे और कोतवाली के मुंशी अशोक की लापरवाही सामने आई थी। इसके बाद SSP ने दोनों को सस्पेंड कर दिया था। फिर पुलिस ने तेजी के साथ एक्शन लिया। पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर के आस-पास लगे CCTV की फुटेज खंगाली, तो बच्चे साढ़े 9 बजे तक घर के बाहर खेलते हुए दिखाई दिए।आसप-पास के लोगों ने बताया कि रात में लगभग 9.45 बजे तीनों बच्चों को एक बाईक पर तीन युवकों को ले जाते हुए देखा गया था। इसके बाद अधिकारियों ने पुलिस टीमों का गठन किया। फिर आरोपियों की खोज करके तीनों आरोपियों को पुलिस गिरफ्त में लिया गया।

रिश्ते में ममेरा भाई लगता है मुख्य आरोपी :

ट्रिपल मर्डर केस का मुख्य आरोपी जहांगीराबाद थाने के जलीलपपर गांव का रहने वाला सलमान है। पुलिस पूछताछ में सलमान ने बताया था कि उस दिन इफ्तार पार्टी में उसे नहीं बुलाया गया था। इसके बाद भी वह इफ्तार में पहुंचा था। लिहाजा, उसे वहां से भगा दिया गया था, जिससे वो अपमान मान रहा था। पार्टी में की गई इसी बेइज्जती का बदला लेने के लिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

उसने बताया कि एक केस में जमानत के लिए उसे पैसे की जरूरत भी थी। इसके लिए मैंने दो दोस्तों बिलाल और इमरान को बुला लिया। दोनों बाईक से हाफिज के मोहल्ले पहुंचे। यहां उसकी बेटी अलीबा दो बच्चों के साथ खेल रही थी। इसके बाद तीनों को एक साथ घुमाने के बहाने उठा लिया। मगर तीनों लगातार रो हो रहे थे। इसलिए गुस्से में आकर तीनों को गोली मार दी।

एक आरोपी को बरी किया गया :

इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट पेश करते हुए साजिद नाम के आरोपी को 120B का मुजरिम बनाया था। कोर्ट में साजिद के खिलाफ सबूत नहीं मिले। इसलिये, ADJ मनु कालिया ने साजिद को बेगुनाह मानते हुए बरी कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद पीड़ित परिवारों ने शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा हम कोर्ट के फैसले से खुश है, हमें न्याय मिला।