रायपुर : चुनाव में सभी समाज अपने प्रतिनिधित्व को लेकर लगातार प्रयास कर रहे है, वहीँ सिन्धी समाज भी श्रीचंद सुन्दरानी को टिकट ना मिलने से भाजपा से नाराज हो गया है, वहीँ श्रीचंद सुन्दरानी पार्टी से विद्रोह ना करते हुये पार्टी आलाकमान के निर्णय को खुले दिल से स्वीकार कर बैठे है, जिससे सिन्धी समाज असमंजस में आ गया और पूरे समाज ने मिलकर बैठक का आयोजन किया। सिंधी धर्मशाला तेलीबांधा में हुई इस बैठक में सिंधी समाज के बैनर तले कांग्रेस और भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की गई। इस बैठक में सिन्धी समाज के सभी संगठन, संस्थायें और पंचायतें शामिल हुई। इस दौरान इस बात को भी रखा कि रायपुर उत्तर, भाटापारा, बिल्हा, बिलासपुर, दुर्ग, धमतरी और रायपुर की चारों सीटें सिंधी बाहुल्य है। जहां सिंधी समाज के लोग अच्छी संख्या में हैं। इसके बावजूद दोेनों पार्टियों ने समाज से एक भी प्रत्याशी नहीं उतारा है। जबकि, मध्यप्रदेश में भाजपा ने 2 एवं कांग्रेस ने 3 सिंधी समाज के लोगों को टिकट दिया है।
इस बैठक में सिंधी पंचायत के सभी मुखी भी शामिल हुए। सिंधी समाज ने अजीत कुकरेजा को निर्दलीय चुनाव लड़ने के समर्थन में बैठक करने की बात कही गई। 27 अक्टूबर को समर्थकों की एक रैली मरीन ड्राइव में निकालने की संभावना जताई। बैठक में छत्तीसगढ सिंधी समाज के अध्यक्ष मनोहर लाल उदासी, मुरलीधर उदासी, आनंद कुकरेजा, अमर गिदवानी, आसूदाराम वाधवानी, अमर पारवानी, अच्छुमल गावरी, मुरली केवलानी, अमित जीवन, किशोर आहुजा, मनोज डेंगवानी, सुभाष बजाज, चन्दर विधानी, किशोर माखीजा, प्रेम बिरनानी सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
समाज सेवी अनेश बजाज ने कहा :
श्रीचंद सुन्दरानी को भाजपा से टिकट ना मिलने के कारण , सिन्धी समाज ने एक बैठक आयोजित की जिसमें समाज के हजारों समाजजन शामिल हुये और सभी ने एक स्वर से अजीत कुकरेजा को निर्दलीय प्रत्याशी लड़वाने पर सहमति दी, इस बैठक में अजित कुकरेजा को आज तक का सबसे बड़ा सामाजिक समर्थन मिला है।
इधर अजीत कुकरेजा ने कहा :
वर्तमान पार्षद और MIC सदस्य अजीत कुकरेजा से जब हमारी टीम ने बात की तो उन्होंने कहा मेरे प्रति समाज का इतना प्रेम है कि जिसको लेकर मै काफी खुश हूँ, आज तक समाज में सबसे ज्यादा समर्थन जिसे मिला है वो मैं हूँ, और मै समाज के लोगों को धन्यवाद देता हूँ, लेकिन मै दो दिन तक सोच विचार करके ही निर्णय लूँगा, भावनात्मक तौर पर मै निर्णय नहीं ले सकता, समाज की भावनाओं का भी पर्याप्त ध्यान रखूँगा।