नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2024 में क्या होगा? आने वाला समय कितना विनाशकारी है? क्या लिखा है भविष्य मालिका में? जानें….।

नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी 2024: नास्त्रेदमस एक ऐसे भविष्यकर्ता रहे हैं जिनकी भविष्यवाणियां एकदम सटीक रही हैं। असल में 500 साल पहले फ्रांसीसी भविष्यकर्ता नास्त्रेदमस था ने एक किताब लिखी थी जिसमें उन्होंने भविष्य के बारे में कई बातें कही थीं। इस किताब को ‘लेस प्रोफेटीज’ कहा जाता है। इस किताब में उन्होंने ऐसी कई भविष्यवाणियां कीं को सही साबित हो गईं। नास्त्रेदमस की कुछ सही साबित हुई भविष्यवाणियों में फ्रांसीसी क्रांति, हिटलर का उदय और जापान पर परमाणु बम गिराए जाने की घटना शामिल है। इनके बारे में बताया जाता है कि ये कोई काम नहीं करते थे, लोग उन्हें ताने ही देते रहते थे, उनकी बातों को गंभीर रूप से नही लेते थे। आइए चर्चा करते हैं कि उन्होंने 2024 के लिया क्या भविष्यवाणियों की है।

अमेरिका में गृहयुद्ध :

दरअसल, फ्रांसीसी दार्शनिक नास्त्रेदमस ने आने वाले साल 2024 के लिए कई भविष्यवाणी की हैं। इसमें अमेरिका में गृहयुद्ध शामिल है। उनके मुताबिक अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव 2024 में अस्थिरता आ सकती है और यहां गृह युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकते है, इस समय वैसे भी जो बाईडेन अपनी साख बचाने में लगे हुये है, और इधर इजराइल के समर्थन को लेकर अमेरिका में बवाल मचा हुआ है। वैसे भी कहा जाता है कि अमेरिका इस समय पहले से ज्यादा विभाजित दिख रहा है। राष्ट्रपति चुनाव 2024 में अमेरिका के सामने अस्थिरता आ सकती है, क्अयूंकि डोनाल्बड ट्रम्प भी सत्ता में वापसी को लेकर महत्वाकांक्षी हो गये है। अब देखना होगा कि क्या होगा?

चीन के साथ युद्ध :

चीन अपनी महत्वाकांक्षा के चलते अधिकतर देशों से टकराता रहता है। चीन शांति से बैठने वाला देश नहीं है। चीन ने दक्षिण चीन सागर और ताइवान के आसपास के क्षेत्रों में सैन्य के दम पर अपना कब्ज़ा जमाया हुआ है। चीन एक तेजी से बढ़ती ताकत है और इसकी बढ़ती ताकत से कई देशों में चिंता है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अपने पड़ोसियों के साथ संघर्ष में उलझ सकता है, खासकर दक्षिण चीन सागर और ताइवान के आसपास के क्षेत्रों में ऐसा हो सकता है. नास्त्रेदमस ने भी चीन के बारे में लिखा है कि उसके साथ कई देशों का युद्ध हो सकता है. इसमें अमेरिका भी शामिल है। नास्त्रेदमस के अनुसार चीन अपने नौसैनिक शक्ति का उपयोग करके अमेरिका को डराने की कोशिश करेगा, वह अमेरिका से आगे निकलना चाहेगा।

भीषण जलवायु परिवर्तन :

फ्रांसीसी ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की थी कि 2024 में दुनिया जलवायु अराजकता का गवाह बनेगी। वह एक भविष्यवाणी में कहते हैं कि सूखी धरती और भी अधिक शुष्क हो जायेगी और भारी बाढ़ आएगी। उनका कहना था कि काफी अधिक जलवायु परिवर्तन होगा और धरती पहले की अपेक्षा ज्यादा गर्म हो जाएगी। और ये सब लगातार हो भी रहा है, जहाँ जलवायु में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, वहीँ प्राकृतिक आपदायें लगातार बढ़ भी रही है, वैश्विक गर्मी बढ़ने के कारण ग्लेशियर लगातार पिघल रहे है। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी को डिकोड करने वाले मानते हैं कि वह 2024 में न्यूक्लियर धमाके की चेतावनी देते हैं जो जलवायु पर असर डालेगा।

शाही कोलाहल :

एक यात्रा में नास्त्रेदमस ने किसी ऐसे व्यक्ति का उल्लेख किया है जिसे वह ‘द्वीपों का राजा’ कहता है, जिसका विवादास्पद तलाक हुआ था। उन्होंने यह भी लिखा कि इस राजा का स्थान उस व्यक्ति ने ले लिया है जिसके पास राजा का कोई निशान नहीं होगा। कहा जाता है कि नास्त्रेदमस ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय की ओर इशारा कर रहे होंगे। “खुद पर और अपनी दूसरी पत्नी दोनों पर लगातार हमलों” के कारण उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इसी किताब में नास्त्रेदमस ने साल 2022 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु की भविष्यवाणी की थी।

नये युवा पोप :

नास्त्रेदमस ने अपनी एक भविष्यवाणी में कहा था कि बढ़ती उम्र के कारण पोप की जगह नया युवा पोप लेगा। वर्तमान पोप, पोप फ्रांसिस वर्तमान में 80 के दशक के मध्य में हैं और हाल के दिनों में उन्हें स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा है। नास्त्रेदमस ने कहा था कि नया नेता ‘उनकी नजर को कमजोर कर देगा’, और वह लंबे समय तक पोप बने रहेंगे। ‘कमजोर’ का सटीक अर्थ निश्चित रूप से बहस का विषय है। क्या उनका मतलब यह है कि चर्च का प्रभाव किसी तरह कम हो जाएगा या कुछ और है। यह तो समय ही बताएगा। इन सब मुद्दों पर विश्वास किया जा सकता है।

ऐसे ही नास्त्रेदमस की कुछ भविष्यवाणियों के अनुसार आने वाला समय संसार के विनाश का होगा, पूरी दुनिया में अराजकता फैलेगी और बड़े विनाश के बाद के बाद इन सब चीजों से निपटने के बाद भारत का पुनः अभ्युदय होगा, विनाशकारी शक्तियां ख़त्म होंगी। समय के गुणाभाग में कुछ परिवर्तन हो सकता है, लेकिन यह सब लगभग 2027 और 2028 के आसपास संभावित है।

भविष्य मालिका, जिसमें की गई है तीसरे विश्व युद्ध से लेकर कलयुग के अंत की भविष्यवाणी :

आज से लगभग 500 साल पहले मतलब 16वीं सदी में उड़ीसा में पांच महासंत हुए थे। इनके नाम संत अच्युतानंद दास, संत अनंत दास, संत जसोबंता दास, संत जगन्नाथ और संत बलराम दास था। इन समकालीन संतों को ‘पंचसखा’ के नाम से जाना जाता था। इन पांच संतों ने उड़ीसा की वैष्णव परंपरा में आध्यात्मिक साहित्य और दर्शन शास्त्र को एक नया रूप दिया। इन्हीं संतों में से एक संत अच्युतानंद के पास भूतकाल, वर्तमान और भविष्यकाल को देख लेने की अद्भुत शक्ति थी। इन्हीं संतों ने भविष्य मालिका की रचना ताड़ के पत्तों पर की थी। भविष्य मालिका ग्रंथ में कई बड़ी भविष्यवाणियां की गई हैं। इसमें सबसे अधिक भविष्य विषय पर 318 पुस्तकें संत अच्युतानंद दास ने लिखी हैं। इनकी भविष्यवाणियां सटीक बैठती है।

महाविनाश के भी बताए हैं लक्षण :

भविष्य मालिका में महाविनाश के भी कुछ लक्षण भी बताए गए हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि सूरज से दुनियाभर में गर्मी बढ़ने लगेगी और इस गर्मी से लोगों की मौत भी होगी। किसान बारिश से निराश होकर खेती का काम करना छोड़ने लगेंगे। साइक्लोन की हवा बर्बादी फैलायेगी और लोग तेज हवाओं की आवाज से ही डर जाएंगे। जंगली जानवर और सांप आदि जंगल को छोड़कर गांव और शहरों में हमला करेंगे। भगवान जगन्नाथ का अपमान होगा और मंदिर का ध्वज कई बार गिरेगा। जगन्नाथ पुरी मंदिर का बड़ा पत्थर गिरेगा, मंदिर का झंडा भी कई बार गिरेगा, त्रिदेव के ऊपर जो कपड़ा है, उसमें भी आग लग जाएगी। इसके साथ ही मंदिर की परंपराओं में अव्यवस्था होगी। उड़ीसा में पुरी के आखिरी राजा गजपति महाराज होंगे। उड़ीसा में तूफान आयेगा और भगवान जगन्नाथ मंदिर का कल्पवृक्ष यानि बरगद का पेड़ टूट जाएगा और इसके बाद दुनिया में लोगों के मरने का सिलसिला शुरू होगा। नई-नई बीमारियां फैलेंगी और डॉक्टर के पास भी इनका कोई इलाज नहीं होगा। महामारियों की वजह से लाखों लोगों की मौत होगी। लोग अंतिम संस्कार करते-करते थक जाएंगे और कई शव तो घर में ही पड़े रह जाएंगे। दुनियाभर के लोगों का दिमाग अशांत रहेगा। साल 2022 से 2027 के बीच भीषण तबाही होगी और कई देशों में भूकंप आएंगे।कहीं बारिश होगी तो कहीं सूखा पड़ जायेगा।

उपरोक्त सभी बातों को लेकर 2019 से कोरोना के बाद इस विनाश की शुरुआत मानी जा रही है, जो वर्ष 2027 और 2028 में अपने चरम पर होगी, इस समय भयंकर विनाश होगा, इसके बाद भारत का पुनरुत्थान बताया गया है। इस समय दुनिया में चौतरफा हाहाकार मचेगा।

नोट : उपरोक्त जानकारियां विभिन्न स्रोतों से जुटाई गई है। हम इसको प्रमाणित नहीं करते।