उमरिया (म.प्र.) : एक युवक अपनी बहन के घर से वापस लौट रहा था इसी दौरान उसका सामना बाघ से हो गया। बाघ ने उस पर हमला भी किया लेकिन घायल होने के बाद भी उसने खुद को बचाने का पूरा प्रयास किया और एक पेड़ पर चढ़ गया, युवक उमरिया का निवासी है। घायल युवक रातभर पेड़ पर चढ़कर बैठा रहा, परिणामस्वरूप वह बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र अंतर्गत मुड़गुड़ी घघड़ार गांव में बाघ का निवाला बनने से बच गया। घायल युवक का नाम कमलेश सिंह गोंड पिता मदन सिंह गोंड़ निवासी धावड़ा कालोनी उमरिया बताया गया है। मदन सिंह के पैर व जंघा में बाघ का पंजा लगने से चोट आई है। युवक सारी रात पेड़ पर बैठा रहा।
बहन के घर गया था युवक:
जिला अस्पताल में भर्ती कमलेश के मुताबिक उसकी बहन का घर घघड़ार गांव में है। मुड़गुड़ी का यह क्षेत्र बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के बफर जोन धमोखर के अंतर्गत आता है। मदन सिंह ने बताया कि उमरिया लौटते समय शाम को घने जंगल के बीच बाघ से आमना सामना हो गया। बाघ ने उस पर हमला कर दिया था जिससे वह लहूलुहान हो गया, लेकिन जैसे – तैसे करके पेड़ में चढ़कर उसने अपनी जान बचाई। बाघ के खौफ में उसे पूरी रात पेड़ पर बितानी पड़ी। सुबह होने पर ग्रामीणों की मदद से घायल को जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। जहाँ उसका इलाज जारी है।
इस तरह हुई घटना :
युवक ने बताया वह रात में वापस उमरिया लौट रहा था। पैदल जंगल के बीच इस उम्मीद से जा रहा था कि किसी बाईक से मदद मिल जायेगी। तभी रास्ते में रास्ते में तीन जंगली शूकर मिले जिनका पीछा बाघ कर रहा था। जैसे ही वे लोग कच्चे मार्ग में पहुंचे, बाघ की नजर युवक पर पड़ी। बाघ को देखने के बाद अपनी जान बचाकर कमलेश वहां से भागने लगा। इतने में पीछे से बाघ ने पंजा मारकर उसे जख्मी कर दिया। फिर भी उसने संयम नहीं खोया और समीप के एक पेड़ में चढ़ने में सफल हो गया। जहाँ पेड़ पर चढ़कर युवक ने अपनी जान बचाई।
घायल युवक को सुबह मिली मदद :
युवक ने बताया रात में कुछ देर तक बाघ वहीं पेड़ के नीचे आराम फरमाता रहा। काफी अंधेरा होने के कारण नीचे समझ नहीं आ रहा था। कोई राहगीर भी वहां से नहीं निकला। मदद के इंतजार में सुबह हो गई। दिन निकलने के बाद युवक पेड़ पर चढ़े चढ़े मदद की गुहार लगाता रहा, तब जाकर सुबह कुछ ग्रामीण आए और उसे पेड़ से उतारकर अस्पताल भेजा।