रायपुर : 5 साल की सत्ता में रहते हुये कांग्रेस के लगातार घोटाले सामने आये है, उन सबको लेकर मोदी जी ने स्पष्ट कहा है कि जितने भी आम लोगों के पैसों का घोटाला हुआ है, वो सब बाहर निकाला जायेगा, कांग्रेस के सत्ता से बाहर जाते ही लगातार घोटालों में संलिप्त रहे कांग्रेसी खौफ में आ गये है, और कई तो अपने पैसों को ठिकाने लगा रहे है, सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर भी फैलने लगी है। अब खबर है कि महादेव एप घोटाले और शराब घोटाले के साथ सभी घोटालों के लेकर जांच तेज की जायेगी और सीबीआई को छत्तीसगढ़ में जल्दी ही एफआईआर और जांच करने की अनुमति मिलेगी। 5 साल पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने जनवरी 2019 में सीबीआई को राज्य में प्रतिबंधित कर दिया था। बता दें कि इससे पहले 2011-12 में भी तत्कालीन भाजपा सरकार ने सीबीआई पर कुछ महीनों के लिए अस्थाई प्रतिबंध लगाया था, जिसे बाद में हटा लिया गया था।
दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेब्लिशमेंट (डीएसपीई) की धारा 6 के तहत इसका आदेश जारी किया गया था। इसके तहत सीबीआई को एफआईआर, जांच और विवेचना करने पर रोक लगाई गई थी। राज्य सरकार से अनुमति लेने और हाईकोर्ट के आदेश पर ही प्रकरण की जांच करने की छूट दी गई थी। सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार के गठन होते ही पीएससी घोटाले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। आपको बता दें की भूपेश सरकार ने CBI पर राज्य में कार्यवाही करने को लेकर प्रतिबन्ध लगाया था।
अब खबर है की एएसपी स्तर के अधिकारी को छत्तीसगढ़ सीबीआई शाखा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं एक एएसपी, डीएसपी और टीआई सहित 35 सदस्यीय टीम है। प्रतिबंध हटाए जाने के बाद एसपी स्तर के अधिकारी के साथ अतिरिक्त बल को तैनात किया जा सकता है। अब छत्तीसगढ़ में हुए पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। इस प्रकरण की सक्षम जांच एजेंसी से कराने संबंधी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह अपनी चुनावी सभाओं में करते रहे हैं। अब इसकी जांच की बात सामने आने के बाद कांग्रेसियों में खौफ बना हुआ है।