रायपुर : महादेव बेटिंग को लेकर बवाल मचे सालभर से ज्यादा हो गया है। महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर रवि उप्पल को मुंबई पुलिस ने दुबई से गिरफ्तार कर लिया है। जल्द ही उसे भारत लाया जायेगा। गिरफ्तार आरोपी रवि उप्पल और उसका प्रमुख सहयोगी नीरज चंद्राकर 6,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के मनी लांड्रिंग केस में कथित रूप से मास्टरमाइंड हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी सामने आया है। महादेव एप का सह संचालक रवि उप्पल टायर की दुकान चलाता था। कोरोना काल के पहले वह सौरभ चंद्राकर के संपर्क में आया था। इसके बाद उसी ने सौरभ चंद्राकर को इंजीनियरों से मिलवाया। इस तरह महादेव बुकिंग सट्टा एप बनकर तैयार हुआ। रवि को शुरू से जुआ और सट्टे की लत थी। इसी से परेशान होकर स्वजनों ने टायर दुकान खोलकर दी थी। महादेव एप मामले में रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार किया गया है।
रायपुर की सेशन कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। उसके बाद अक्टूबर माह में इन दोनों के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ था। रायपुर और दुर्ग पुलिस ने रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर के विरुद्ध लुकआउट नोटिस जारी किया है। हाल ही में शुभम सोनी नाम के युवक ने एक वीडियो प्रसारित करके कहा था कि उसने भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए थे। शुभम ने खुद को महादेव एप का मुख्य संचालक और मालिक भी बताया। जिसके बाद से उसकी भी तलाश की जा रही है।
महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर रवि उप्पल की गिरफ्तारी के बाद अब कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। रवि उप्पल को ईडी पूछताछ के लिए रायपुर ला सकती है। वहीं जेल में बंद आरोपियों के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी। राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों के नामों का राजफाश हो सकता है। ईडी ने मामले में इससे पहले ASI चंद्रभूषण शर्मा, सतीष चंद्राकर, अनिल दमानी, सुनील दमानी, असीम दास और आरक्षक भीम सिंह यादव को जेल भेजा है। असीम की गिरफ्तारी आचार संहिता में हुई थी। उसके पास से 508 करोड़ रुपये जब्त किए गए थे। आरोप था कि चुनाव में खर्च के लिए रूपये भेजे गए थे।
शुभम सोनी को बताया था मालिक :
रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर ने एक बयान में महादेव ऐप और सट्टेबाजी घोटाले में शामिल होने से इनकार कर दिया था। इन लोगों ने इसके लिए शुभम सोनी नाम के शख्स को जिम्मेवार ठहराया है। इसके बाद शुभम का वीडियो सामने आया जिसमें उसने खुद को संचालक बताया और पुलिस और राजनीति से जुड़े लोगों को पैसे भेजने की बात कही, जिसने मुख्यमंत्री भुपेश और सहयोगी वर्मा का नाम लिया था।
सभी के बंटे हुए हैं काम :
- सौरभ चंद्राकर महादेव बुक के पैसों का लेन-देन और लाइजनिंग संभालता है।
- रवि उप्पल डिजिटल प्लेटफार्म, आइडी-पासवर्ड सिस्टम की देखरेख करता है।
- अतुल अग्रवाल पार्टनर है, विदेश में काम बढ़ाने के साथ वहां के ग्राहक लाता है।
- कपिल चेलानी छत्तीसगढ़ में आइडी को आपरेट करता है। खुद भी आइडी चलाता है।
- सतीश चंद्राकर राज्य की लाइजनिंग व अधिकारी-कर्मचारी का मैनेजमेंट देखता था।