रायपुर : सिविल मुकदमेबाजी और वाणिज्यिक मुकदमेबाजी के बीच प्राथमिक अंतर यह है कि सिविल मुकदमेबाजी कानूनी अधिकार को लागू करने के लिए व्यक्तियों के बीच एक मुकदमा है जिसमें वादी प्रतिवादी से भुगतान चाहता है, जबकि वाणिज्यिक मुकदमे में व्यवसाय या कंपनियां शामिल होती हैं। वाणिज्यिक न्यायालय के पास राज्य के पूरे क्षेत्र से उत्पन्न होने वाले निर्दिष्ट मूल्य के वाणिज्यिक विवाद से संबंधित सभी मुकदमों और आवेदनों की सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र होगा, जिस पर इसका क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र निहित है।
अब प्रदेश के विधि विधायी विभाग ने वाणिज्यिक कोर्ट की तरह सुनवाई करने के लिए राज्य के सभी जिलों को ज़ोन में बांटा है। हाई कोर्ट की सलाह पर विभाग ने सिविल कोर्ट से लेकर जिला न्यायालय तक को इसमें शामिल कर उन्हें वाणिज्यिक कोर्ट का दर्जा देकर आर्थिक मूल्य के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। जारी अधिसूचना के अनुसार तीन लाख से 10 लाख तक आर्थिक मूल्य वाले मामलों की सुनवाई रायपुर में सेकेंड सिविल जज और फोर्थ सिविल जज प्रथम करेंगे। यहाँ इनकी सुनवाई की जायेगी।
इसी तरह से बिलासपुर जोन में सेकेंड और थर्ड सिविल जज प्रथम, दुर्ग में सेकेंड और थर्ड सिविल जज प्रथम, जगदलपुर जोन में सेकेंड सिविल जज प्रथम, कोरबा में सेकेंड सिविल जज प्रथम, रायगढ़ में सेकेंड सिविल जज प्रथम, राजनांदगांव में सेकेंड सिविल जज प्रथम और अंबिकापुर (सरगुजा) में सिविल जज प्रथम सीजेएम को प्रकरणों की सुनवाई करने निर्धारित किया गया है।
न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार इन सभी जोन में आसपास के जिलों को भी शामिल कर दिया गया है, यहाँ आस-पास के क्षेत्रों के केस की भी सुनवाई होगी। इसी तरह 10 लाख से 50 लाख तक आर्थिक मूल्य के लिए जिला न्यायालयों में इसकी व्यवस्था की गई है। इसके मुताबिक बस्तर में प्रथम एडीजे जगदलपुर, बिलासपुर में सेकेंड एडीजे, दुर्ग में सेकेंड एडीजे, कोरबा में फर्स्ट एडीजे को कमर्शियल कोर्ट के लिए अधिकृत किया गया है।
इसी तरह रायगढ़ में फर्स्ट एडीजे, रायपुर में सेकेंड एडीजे, राजनांदगांव में फर्स्ट एडीजे और सरगुजा में सेकेंड एडीजे अंबिकापुर को कमर्शियल कोर्ट के लिए अधिकृत किया गया है। इन सब जिला न्यायालयों में भी करीब के दूसरे जिलों के मामले भी सुने जाएंगे। इसके बाद 50 लाख से अधिक आर्थिक मूल्य के लिए कमर्शियल कोर्ट रायपुर में सुनवाई होगी। इसके क्षेत्राधिकार में पूरा प्रदेश रखा गया है।