रायपुर : देश में कोरोना फिर से फैलना शुरू हो गया है, सब अपने – अपने हिसाब से बता रहे है, कि यह खतरनाक नहीं है, फिर भी सावधान रहना बहुत जरुरी है। कोरोना के बाद से राजधानी समेत प्रदेश भर में अलग-अलग फ्लेवर की चाय की मांग तेजी से बढ़ी है। इसमें आयुर्वेदिक चाय व इम्युनिटी बढ़ाने वाली चाय भी बाजार में बेची जा रही है। इसमें क्या मिलाया जा रहा है यह आम लोगों को पता ही नहीं है। इसे लेकर एफएसएसएआई ने गंभीरता से लेते हुए चाय की सैंपलिंग करने के लिए सभी राज्यों के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को चाय का सैंपल लेकर लैब में जांच करने को कहा है।
सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। सभी चाय दुकानों में उपयोग होने वाली चाय पत्ती और चाय पत्ती के विक्रेताओं से सैंपल लेकर लैब भेजेंगे। लोगों में चाय पीने की तलब काफी बढ़ गई है। बता दें कि राजधानी में चाय दुकानों की चेन का प्रचलन बढ़ा है जो खुद की चायपत्ती अपने फ्रेंचायजी को भेजते हैं। इनमें फ्लेवर के लिए क्या उपयोग हो रहा है इसकी जांच की जायेगी। इस चाय में क्या मिलाया जा रहा है, इस पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन जांच करेगा।
रायपुर में रोजाना लाखों कप चाय की खपत :
जानकारी के मुताबिक खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के पास 430 से ज्यादा चाय-नाश्ते की दुकानों के नाम पर पंजीयन कराया गया है। कुछ चाय दुकान के विक्रेताओं के मुताबिक प्राइम लोकेशन में रोज 5000 तक चाय दिन से रात भर में बेच देते हैं। ऐसे में राजधानी में तकरीबन 10 लाख कप चाय की ब्रिकी होती है। ऐसे में बाहर बिकने वाली चाय लोगों के सेहत पर क्या प्रभाव डाल रही है, इसकी जांच को लेकर विभाग गंभीर हो गया है। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर लगातार दुष्प्रभाव हो रहा है।
इसलिए जारी किया गया है आदेश :
खाद्य सुरक्षा नियामक ने देशभर में चाय उद्योग में सर्वेक्षण कराया था और नमूने जमा किए थे। अब उनमें मौजूद रासायनिक फ्लेवर, हानिकारक तत्वों व कीटनाशक अवशेषों के स्तर के संबंध में विश्लेषण किया जा रहा है। इसके बाद अब लोकल स्तर पर भी चाय की जांच करने का आदेश दिया गया है। साथ ही कोरोना फैलने वाली बीमारी है, जिसमें इन दुकानों पर सामान्य कप को धोकर बार-बार प्रयोग किया जाता है, जिसमें वायरस के फैलने का खतरा भी है। छत्तीसगढ़ में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या 14 हो गई है।
एफएसएसएआई ने चाय का सैंपलिग करके लैब में जांच करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए जाएंगे। : रमेश शर्मा, नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन