यात्रियों के लिये फिर मुसीबत, ये दोनों ट्रेनें बीच में समाप्त होंगी।

रायपुर/बिलासपुर : आम लोग यात्रा के लिये कई दिनों पहले से योजना बना लेते है, ट्रेनों का समय बदलने से कई बार मुसीबत खड़ी हो जाती है, इसलिये रेलवे लगातार यात्रियों को जानकारी देते रहता है। मध्य रेलवे के सांगली-मिरज जंक्शन सेक्शन में 25 दिसंबर से दोहरीकरण का कार्य किया जा रहा है, जो कि छह जनवरी 2024 तक चलेगा। इसकी वजह से कुछ गाड़ियों का परिचालन प्रभावित रहेगा और वे बीच में ही समाप्त की जाएगी। इनमें पांच जनवरी, 2024 तक गोंदिया से चलने वाली गाड़ी 11040 गोंदिया-कोल्हापुर एक्सप्रेस पुणे तक ही चलेगी। वहीं, छह जनवरी, 2024 तक कोल्हापुर से चलने वाली गाड़ी 11039 कोल्हापुर-गोंदिया एक्सप्रेस ट्रेन कोल्हापुर के स्थान पर यह गाड़ी पुणे से ही गोंदिया के लिए रवाना होगी। अन्य ट्रेनें वर्तमान में समय पर चल रही है, कुछ ट्रेनों के लेट होने की सम्भावना है।

हीराकुंड एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-03 कोच :

रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा व अधिकाधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ उपलब्ध कराने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से होकर चलने वाली गाड़ी 20807/20808 विशखापट्टनम-अमृतसर-विशखापट्टनम हीराकुंड एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी 03 कोच की सुविधा अस्थायी रूप से उपलब्ध कराई जा रही है। अभी ट्रेनों में भीड़ बढ़ी हुई है।

इस सुविधा की उपलब्धता से इस गाड़ी में यात्रा करने वाले अधिकाधिक यात्री लाभान्वित होंगे। गाड़ी संख्या 20807 विशाखापटनम-अमृतसर हीराकुंड एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-03 कोच की सुविधा विशखापटनम से 29 दिसंबर को उपलब्ध रहेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20808 अमृतसर-विशखापत्तनम हीराकुंड एक्सप्रेस में एक अतिरिक्त एसी-03 कोच की सुविधा अमृतसर से 31 दिसंबर को उपलब्ध रहेगी। यह ट्रेन विशाखापट्टनम से बिलासपुर होते हुये अमृतसर जाती है।

रेलवे ने नशे के सौदागरों के विरुद्ध अभियान चलाकर 119 को पकड़ा :

रेल यात्रियों एवं रेल संपत्तियों की सुरक्षा के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा बल, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे आपरेशन ‘नार्कोस’ चला रहा है। इसके अंतर्गत 119 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 1.56 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। यह अभियान नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक पदार्थों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जून-2022 में प्रारंभ किया गया। अवैध व्यापार में शामिल ड्रग तस्करों को दबोचने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों से समन्वय कर देश भर में ट्रेनों व चिह्नित ब्लैक स्पाट की जांच तेज कर दी है। लगातार नशे के सप्लायर RPF के हत्थे चढ़ रहे है।