छात्रा के मामा ने प्राईवेट स्कूल के प्रिंसिपल की जमकर कर दी पिटाई, स्कूल यूनियन ने कहा छात्रा को नहीं मिलेगा दाखिला, भविष्य अधर में।

रायपुर : स्कूलों में बच्चों के बीच झगड़ा आम बात है, लेकिन ऐसा सोचना भी मुश्किल है कि मामूली बात में किसी स्कूल के प्रिंसिपल की पिटाई हो जाये और छात्रा का भविष्य बर्बाद हो जाये। ऐसी ही एक घटना ने चंगोराभाठा के एक स्कूल में बीते दिनों दो बच्चों की नोक-झोंक ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। एक बच्ची के रिश्तेदार ने स्कूल जाकर प्रिंसिपल की जमकर पिटाई कर दी। उक्त मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिस बच्ची के रिश्तेदार ने मारपीट की है, उस बच्ची को स्कूल प्रशासन ने टीसी थमा दिया गया है।

मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ दिनों पहले चंगोराभाठा के एक स्कूल में चौथी और आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 2 छात्राओं में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। बताया गया कि इसके बाद चौथी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा के माता-पिता स्कूल आए। स्टाफ से विवाद किया। आरोप है कि इसके बाद छात्रा के मामा भी 8-10 गाड़ियों के साथ हूटर बजाते हुए स्कूल में घुस आए। प्रिंसिपल के केबिन में जाकर उनकी पिटाई कर दी। मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। वहीं प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने मामले में डीईओ से शिकायत कर कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने तय किया है कि बच्ची को अब प्रदेश के किसी भी प्राइवेट स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिसको लेकर छात्रा का भविष्य अधर में फंस गया।

स्कूल में बच्चों के बीच हुई लड़ाई मामूली थी। बड़ों की नामसझी ने इसे काफी बड़ा बना दिया, इस मुद्दे को लेकर राजधानी में बड़ा बवाल मच गया। छात्रा के मामा ने जिस तरह स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल की पिटाई की, उसे किसी भी सूरत में सही नहीं कहा जा सकता। इसका खामियाजा अब उस छात्रा को भुगतना पड़ेगा जिसे बीच सत्र में ही स्कूल से निकाल दिया गया है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने तय किया है कि छात्रा को प्रदेश के किसी भी प्राइवेट स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

इस फैसले ने बच्ची के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस फैसले को भी सही नहीं कहा जा सकता है। जरूरी है कि प्रशासन ऐसा कोई निर्णय ले जिससे स्कूल में हिंसा करने वालों को सख्त संदेश जाए। लेकिन, किसी बच्चे का भविष्य भी बर्बाद न हो। इसको लेकर शिक्षा विभाग को समाधान निकालना होगा, अब इस मुद्दे पर आगे क्या कार्यवाही होगी ये देखना दिलचस्प होगा, कहीं छात्रा का भविष्य ख़राब ना हो इसका ध्यान रखना प्राथमिकता होगी या नहीं यव समय बतायेगा।