स्वास्थ्य : शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ होना और बिना किसी समस्या के जीवन जीना ही स्वास्थ्य है। किसी व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रुप से अच्छा और मजबूत होने की स्थिति को स्वास्थ्य कहते हैं।। स्वास्थ्य सिर्फ बीमारियों की अनुपस्थिति का नाम नहीं है। बल्कि मनोबल ऊँचा होना और मानसिक रूप से मजबूत होना भी स्वास्थ्य है। किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं को बिमारियों से बचाना बहुत ही आवश्यक है, इसमें मानसिक स्वास्थ्य मजबूत होना भी एक प्राथमिकता है, जिसका एक सामान्य तरीका योग है अथवा चिन्ता मुक्त जीवन जीना। लेकिन इस आपाधापी भरी जिन्दगी में आम व्यक्ति मानसिक रूप से खुद को तनाव में महसूस करता है और वो पर्याप्त कार्यों को अपनी क्षमतानुसार अंजाम नहीं दे पाता है। इस समस्या का निराकरण योग के जरिये ही संभव है ऐसा नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक तौर पर डॉक्टरों ने दवाइयां भी बनाई जो ज्यादा मात्रा में लेना हानिकारक भी हो सकता है।
उसी प्रकार दवाइयों से ये संभव कैसे होता है? तो इस सवाल के जवाब के साथ भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा में प्राचीन काल में पेड़ पौधों और औषधियों का प्रयोग भी होता था, जो कि प्राकृतिक स्वरुप में है। इसी को लेकर दवाइयों के प्रयोग बचें और प्राकृतिक तौर पर आपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को मजबूती देने के लिये ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक चीजों के सेवन पर ध्यान दें।
मानसिक और भौतिक स्वास्थ्य के लिए आपका आहार पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिये। जिनमें भरपूर मात्रा में न्यूट्रिशन पाए जाते हैं। इनमें वेजिटेरियन्स और नॉन वेजिटेरियन्स दोनों तरह के फूड्स शामिल होते हैं। ये फिजिकल और मेंटल दोनों हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। जिन फूड्स में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, उन्हें डाइट में शामिल करना चाहिए। आप इनका सेवन मोटापे की परवाह किए बिना कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि वे खाद्य पदार्थ कौन-से हैं।
नट्स (Nuts) :
नट्स में मोनोअनसैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा पाई जाती है। यह हेल्दी फैट हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है। नट्स में प्रोटीन की मात्रा भी ज्यादा होती है। साथ ही इसमें फाइबर, विटामिन ई, विटामिन के, फोलेट, थायमिन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैरोटीनॉयड, एंटीऑक्सीडेंट, फाइटोस्टेरॉल की अधिक मात्रा होती है। नट्स के अंतर्गत चकोतरा, नासपाती, सेब, खुबानी, बादाम, पिस्ता, अखरोट, अंगूर, तथा काष्ठफल आते है।
शकरकंद (Sweet Potatoes) :
शकरकंद यह गाजर जैसी दूसरी प्रकार की गाजर होती है जिसे अंग्रेजी में sweet potato कहा जाता है, स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों का खजाना भी है। इसमें कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट होता है, जिसे पचने में समय लगता है। शकरकंद में विटामिन ए, बी-6, बीटा कैरोटीन जैसे न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कैंसर की बीमारी के खतरे को कम कर सकता है।
फल्लियाँ (Legumes) :
दाल और फलियों में डाइटरी फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ये प्लांट बेस्ट प्रोटीन का अच्छा सोर्स होता है। इनमें आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन बी और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इनका भिगोकर सेवन करने से काफी फायदा मिलता है। ये सब चीजें आपको हताशा और चिंता से दूर करने में सहायक होंगी।
नोट : यह लेख सामान्य जानकारी के आधार पर लिखा गया है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा डॉक्टर्स की सलाह जरूर लें। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें।