रायपुर : ठगबाजों की ठगबाजी पर लगाम नहीं लगती, लोग जितने जागरूक हो रहे है, ठग उतने ही नये पैंतरे आजमा रहे है, अब आदमी किसी बैंक कर्मी को लेकर ठगबाजी संदेह कर ही नहीं सकता, बस इसी तरीके के मैटर में बैंक का एक ग्राहक फंस गया। अब खबर के अनुसार टिकरापारा थाना क्षेत्र में ऐसा ही ऑनलाईन ठगी का अनूठा मामला सामने आया है। इसमें बैंक के कर्मचारी ने ही ठग के बारे में जाने बिना ही उसे बैंक कर्मचारी बता दिया और पीड़ित से मांगी गई जानकारी दे देने को कह दिया। इसके बाद ठग द्वारा भेजे गए वाट्सअप लिंक को खोलते ही पीड़ित के खाते से एक लाख सात हजार रुपये कट गए।
अब जानिये क्या है ये पूरा मामला :
उपरोक्त घटना के अनुसार टिकरापारा के राजू मोटर्स गैरेज के संचालक हासिम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उसने बताया कि दो जनवरी को उसके नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को इंडसइंड बैंक का कर्मचारी बताया। उसने लोन के संबंध में बात करने की बात कही। इस पर उसने फोन काट दिया। इसके बाद लोन वाले फर्जी बैंक कर्मी ने कई बार फोन किया, जिससे वह परेशान हो गया।
जानकारी के अनुसार हासिम ने कुछ दिन पहले ही इंडसइंड बैंक के कर्मचारी यशवंत झुलफे के माध्यम से एक लाख रुपये लोन लिया था। इसलिए उसने यशवंत को पहले फोन लगाकर बात की। यशवंत ने फोन करने वाले का नंबर और फोटो मांगा। पीड़ित ने ठग का फोटो और नंबर भेज दिया। इस पर यशवंत ने कहा कि वह बैंक का ही कर्मचारी है। वह जो भी जानकारी मांग रहा है, दे दो। उसके बाद पीड़ित ने विश्वास करते ही वैसा किया।
थोड़ी देर बाद पुन: अज्ञात नंबर से फोन आया और सामने वाले ने कहा कि यशवंत झुलफे से आपकी बात हो गई क्या? इससे हासिम को विश्वास हो गया कि फोन करने वाला बैंक का ही कर्मचारी है। इस पर उसने इंडसइंड बैंक के अपने दो खाता नंबरों को दे दिया। इसके बाद सामने वाले ने हासिम के वाट्सअप पर एक लिंक भेजा। उस लिंक को ओपन करते ही हासिम के एक खाते से 6,500 रुपये और दूसरे खाते से एक लाख 500 रुपये निकाल लिए गए। इस ठगबाजी के बाद हासिम ने टिकरापारा थाना में जाकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई।