माले (मालदीव) : मालदीव की नई सरकार आने के बाद भारत के बजाय चीन से संबंधो पर जोर दिया जा रहा है, जिसके कारण वर्तमान मालदीव सरकार के लोगों ने भारत के खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया है, इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर इस समय लक्षद्वीप बनाम मालदीव की एक जंग छिड़ी हुई है। पीएम नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप की यात्रा के बाद ये बहस शुरू हुई है। पीएम की इस यात्रा से अटकलें लगाईं कि मालदीव के पेंच कसने के लिए भारत अपने द्वीपों में पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। पीएम मोदी के दौरे के बाद से लक्षद्वीप गूगल सर्च इंजन पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला कीवर्ड रहा है। शुक्रवार को, 50,000 से अधिक लोगों ने केंद्र शासित प्रदेश को गूगल पर देखा, इसकी वजह ये पीएम की पोस्ट भी रही, जिसमें उन्होंने इस जगह की आश्चर्यजनक सुंदरता और वहां के लोगों की गर्मजोशी के बारे में लिखा। लक्षद्वीप और मालद्वीप में प्राकृतिक तौर पर सिर्फ इतना ही अंतर है कि मालद्वीप दूसरा देश है और साथ में पर्यटन के हिसाब से विकसित है, जबकि आज तक लक्षद्वीप पर भारत सरकार ने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है, जिसको लेकर अब प्रधानमंत्री मोदी ने 1300 करोड़ से ज्यादा की राशि इसे विकसित करने के लिये घोषित की है। लक्षद्वीप और मालद्वीप दोनों प्राकृतिक सौन्दर्य में बराबर है, दोनों आइलैंड है।
आपको बता दें की चीन के जाल से निकालने के लिये मालद्वीप की भारत ने काफी माद की है, वहां पर मालद्वीप की सुरक्षा में भारतीय सैनिक भी तैनात है, जिनको लेकर वहां की वर्तमान सरकार ने मालद्वीप से बाहर जाने को कह दिया है। वहीँ इस सरकार के मंत्रियों ने भारतीय लोगों पर अभद्र टिप्पणियां भी की है , जिसको लेकर भारतीय फ़िल्मी सितारे सलमान खान , अक्षय कुमार, सचिन तेंडुलकर ने भारत के पक्ष में मालद्वीप का विरोध किया है और भारतीय लोगों से लक्षद्वीप घुमने की अपील भी की है। वहीँ इस मुद्दे पर इजराइल सहित कई देश भारत के समर्थन में खड़े है।
साथ में नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद सोशल मीडिया पर आग भड़काने का काम मालदीव की सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के ट्वीट ने भी किया। इन ट्वीट में नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाया गया तो भारतीयों को गंदा कहते हुए नस्लीय टिप्पणियां की गईं। इसमें जाहिर रमीज और मरियम शिउना खासतौर से अपने कमेंट के चलचते सोशल मीडिया पर भारतीयों के निशाने पर आए। इसी का नतीजा था कि सोशल मीडिया पर रविवार को बायकॉट मालदीव ट्रेंड करने लगा।
भारतीय रद्द करने लगे मालदीव की यात्रा :
इस विवाद के बीच कुछ भारतीयों ने दावा कि कई लोगों ने मालदीव जाने की अपनी योजना को बदल दिया है। कुछ लोगों ने अपनी रद्द की गई मालदीव यात्रा से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट करते हुए मालदीव सरकार को आर्थिक नुकसान की बात कही। कई फिल्मी सितारों ने भी लक्षद्वीप को प्रमोट किया है। दोनों देशों के बीच इस तनाव की एक वजह ये भी है कि यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब भारत मालदीव में अपने सैनिकों और सैन्य उपकरणों को रखने के लिए दबाव बना रहा है।
दोनों देशों के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी इस जंग पर मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भी बयान दिया है। मोहम्मद नशीद ने खासतौर से मालदीव की युवा सशक्तिकरण और सूचना और मंत्री मरियम शिउना के बयान से एतराज जताया है। मोहम्मद नशीद ने अपने ट्वीट में लिखा, मालदीव सरकार की एक प्रतिनिधि मरियम शिउना कितनी भयावह भाषा बोल रही हैं। वो भी एक ऐसे प्रमुख सहयोगी देश के नेता के लिए, जिससे संबंध मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। मुइज्जू सरकार को इन टिप्पणियों से खुद को दूर रखना चाहिए। वहीँ आपको बता दें की EaseMytrip के सीईओ प्रशांत पिट्टी ने अपने एक इंटरव्यू में कहा कि व्यापार तो होता रहेगा पहले देश का सम्मान जरुरी है हमने मालदीव की सभी बुकिंग रद्द कर दी है और लोगों को उनका पैसा लौटाया जा रहा है। जिसमें से हमें काफी बड़े स्तर पर नुकसान भी उठाना पड़ रहा है, लेकिन हमारे देश का सम्मान पहले।