नीरज कामरानी आत्महत्या मामले में आया एक और नया मोड़, सूदखोर महिलाओं के बारे में सामने आई ये बात….।

रायपुर : तेलीबांधा थाना क्षेत्र में सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर की थी। युवक नीरज कामरानी ने सुसाइड नोट में दो महिलाओं के नाम जिक्र किया था। सूदखोरों के चलते फांसी लगाकर खुदकुशी करने वाले नीरज के सुसाइड नोट की जांच करने के लिए पुलिस ने हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेज दिया है। दूसरी ओर जांच में सामने आया है कि सूदखोर महिलाएं नीरज की करीब 70 वर्षीया नानी और दूसरे रिश्तेदारों को भी कर्ज और ब्याज चुकाने के लिए दबाव डालती थी।

उसकी नानी ईश्वरी नेभानी ने बताया कि उसने बिलासपुर चकरभाठा की अपनी जमीन को बेचा है और कुछ माह पहले नीरज के घर रहने आई है। इस दौरान ब्याज वसूलने के लिए अक्सर सूदखोर महिलाएं सुबह-सुबह घर आ जाती थी। किचन में घुस जाती थी। मुझे अपनी जमीन बेचने से मिली राशि से ब्याज और कर्ज चुकाने के लिए परेशान करती थी। इसके उनकी मौसी व अन्य लोगों को भी कर्ज चुकाने के लिए दबाव डालती थी। वहीँ इस मामले में अब तक आरोपी महिलाओं पर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। महिलाओं पर कार्यवाही ना होने को लेकर पुलिस कार्यवाही पर क्षेत्रीय लोगों को संदेह होने लगा है, जबकि ऐसे आत्महत्या मामलों पुलिस तेजी से कार्यवाही करती है, घटना को एक सप्ताह हो चूका है। परेशान करने वाली महिलायें कमला लच्छेदानी और सविता बजाज इस मामले अभी तक के तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपी है, जिन पर नीरज के सुसाइड नोट स्पष्ट नाम लिखा हुआ है।

इन नंबरों से आते थे कॉल :

नीरज कामरानी की मां प्रिया कामरानी का कहना है कि सूदखोर अलग-अलग नंबरों से उन्हें लगातार कॉल करते थे। बार-बार ब्याज की राशि चुकाने को कहते थे। उल्लेखनीय है कि नीरज ने पिछले सोमवार-मंगलवार की रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। उसने सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें दो महिलाओं के नाम है, मृतक द्वारा सामने आये नामों के बावजूद आरोपी महिलाओं के ऊपर कार्यवाही ना होने को लेकर संदेह पैदा कर रही है। तेलीबांधा पुलिस अब तक इस मामले में नीरज के भाई विजय, उसके पिता धनराज का बयान ले चुकी है। साथ ही नीरज के दोस्त लोकेश मारकंडे, बलराम बारिक और सुनील चतुर्वेदी के भी बयान लिए हैं।

मोबाइल के पासवर्ड की जानकारी पुलिस को नहीं :

पुलिस ने नीरज के मोबाईल को जब्त किया है। मोबाइल के पासवर्ड की जानकारी पुलिस को नहीं है। इसे लैब भेजा जाएगा। दूसरी ओर घटना स्थल पर मिले सुसाइड नोट की जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कार्यवाही की बात थाना प्रभारी ने कही है।

कई लोग हैं पीड़ित: 

जिन महिलाओं के नाम सुसाइड नोट में लिखे हैं, बताया जाता है कि उन्होंने कई लोगों को कर्ज दिया है। उनसे अधिक ब्याज वसूल रहे हैं। पीड़ित महिलाएं भी अब पुलिस में शिकायत करने की तैयारी में है। खुदकुशी के मामले में नीरज की मां का अब तक बयान दर्ज नहीं हो पाया है। इतना सब सामने आने के बावजूद महिलाओं से सम्बंधित अन्य लोगों से पूछताछ अब तक पुलिस नहीं कर पाई है।

नीरज की खुदकुशी के मामले में मौके पर मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए हैंडराइटिंग एक्सपर्ट के पास भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। -फैजुल होदाशाह, टीआई, तेलीबांधा, रायपुर