व्यापार : कुछ ऐसी चीजें होती है, जिनके बारे में हमें जानकारी नहीं होती, लेकिन उनका कोई ना कोई छुपा हुआ फायदा भी होता जिसकी जानकारी सम्बंधित संस्था नहीं बताती या बताना नहीं चाहते, लेकिन जागरूक लोग इन बातों की तहकीकात में लगे ही रहते है। बैंक में खाता खोलते समय हर बैंक की ओर से ग्राहकों को डेबिट कार्ड दिया जाता है, लेकिन बहुत कम ही लोगों को जानकारी होती है कि डेबिट कार्ड पर बैंकों द्वारा लाइफ इंश्योरेंस कवर भी दिया जाता है। कार्डधारक की मृत्यु होने पर आसानी से उसके परिवारजन क्लेम भी ले सकते हैं। हालांकि, क्लेम लेने के लिए कुछ शर्तें होती हैं, जिनका पूर्ण होना जरूरी है। इसके बाद ही क्लेम दिया जाता है। इस मामले में अधिकतर लोगों को पता नहीं है।
क्या होती है शर्तें और कितने का होता है डेबिट कार्ड पर लाइफ इंश्योंरेंस कवर?
डेबिट कार्ड पर मिलने वाले क्लेम का फायदा उठाने के लिए आपका डेबिट (ATM) कार्ड सक्रिय होना चाहिए। इसके लिए आपको बैंक द्वारा दी गई एक निश्चित अवधि में लेनदेन करना होता है। इससे डेबिट कार्ड पर मिल रहा नि:शुल्क लाइफ इंश्योरेंस सक्रिय रहता है। डेबिट कार्ड पर लाइफ इंश्योरेंस कवर 2 लाख रुपये से लेकर एक करोड़ रुपये तक का होता है। एसबीआई के गोल्ड और प्राइड डेबिट कार्ड पर 2 लाख रुपये का (नॉन एयर) और 4 लाख रुपये का (एयर) लाइफ इंश्योरेंस दिया जाता है। वहीं, प्लेटिनियम और प्रीमियम डेबिट कार्ड पर 5 लाख रुपये का (नॉन एयर) 10 लाख रुपये का (एयर) लाइफ इंश्योरेंस कवर दिया जाता है। वहीं, डीएसबी बैंक के डेबिट कार्ड पर एक करोड़ तक का लाइफ इंश्योरेंस कवर मिलता है। बता दें, लाइफ इंश्योरेंस कवर बैंक दर बैंक बदल जाता है। सभी बैंकों के नियम के अनुसार ये अलग-अलग होता है।
डेबिट कार्ड लाइफ इंश्योरेंस कैसे क्लेम कर सकते हैं?
ये काफी हद तक बैंक पर निर्भर करता है। कार्डधारक की मृत्यु के बाद नॉमिनी को बैंक में जाकर इसकी जानकारी देनी होती है। एक निश्चित समय में ही इस प्रक्रिया को पूरा करना होता है। अन्यथा आप क्लेम से वंचित रह सकते हैं। ये सभी बैंकों में अलग-अलग हो सकता है। इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए आपके पास मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक अकाउंट की जानकारी, नॉमिनी का आधार कार्ड और बैंक अकाउंट आदि की आवश्यकता होगी। इस आधार पर आप बैंक पर उपरोक्त राशि का दावा कर सकते है।