इस अस्पताल का काला कारनामा, ऑपरेशन थियेटर में ले जाकर मांगे पैसे, तुरंत पैसे ना मिलने पर ऑपरेशन रोका।

रायपुर : अस्पतालों की मनमानी से हर कोई परेशान रहता है, वहीँ इलाज करने के पहले अस्पताल वाले रकम भी ले लेते है, कई बार निजी अस्पतालों की संवेदनहीनता सामने भी आ जाती है। राजधानी के पचपेड़ी नाका स्थित गणेश विनायक आई अस्पताल में बुधवार को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए महासमुंद से आए 9 मरीजों की सर्जरी नहीं की गई। दरअसल, मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों ने अच्छे लेंस लगाने का हवाला देकर प्रति मरीज 6 से 7 हजार रुपए की मांग की। पैसे नहीं देने पर सभी को ओटी से वापस भेज दिया गया। इसके बाद मरीजों को पास ही अरविंदो आई अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी मरीजों का ऑपरेशन गुरुवार को किया जायेगा। अचानक इस तरह से पैसे मांगने से मरीज और उनके परिजन सकते में आ गये।

जिन जिलों व अस्पतालों में मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं होता, वहां कलेक्टर द्वारा प्राइवेट अस्पतालों से एमओयू किया गया है। महासमुंद के तुमगांव सीएचसी अंतर्गत आने वाले मरीजों को ऑपरेशन के लिए गणेश विनायक आई अस्पताल लाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन के लिए 7 फरवरी की तारीख भी दे दी थी। नेत्र सहायक भानुप्रताप ध्रुव सभी मरीजों को लेकर राजधानी के निजी अस्पताल में पहुंचे। इसके बाद वे चले गए। बाद में मरीजों ने उन्हें फोन कर बताया कि अस्पताल के स्टाफ ने शाम 4-5 बजे के आसपास ऑपरेशन करने के लिए मरीजों को ओटी में ले गए। वहां सस्ते लेंस को खराब बताया है। इसके बाद अच्छे लेंस लगाने के लिए 6 से 7 हजार रुपए की मांग भी की गई। मरीजों ने पैसे देने से इंकार किया तो सभी का ऑपरेशन नहीं किया और अस्पताल से चले जाने को कहा। यह मामला महासमुंद के स्वास्थ्य अधिकारियों के पास पहुंचा। इसके बाद को-आर्डिनेट कर सभी मरीजों को पास के अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पहले भी हुई है पैसे मांगने की शिकायत :

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जानकारी के अनुसार नेत्र सहायक ध्रुव का कहना है कि पहले भी गणेश विनायक द्वारा मरीजों से पैसे मांगने की शिकायत सामने आई है। प्रति लेंस 6 से 7 हजार रुपए मांगा जाता है। पड़ताल में पता चला है कि गणेश विनायक व अरविंदो आई अस्पताल दोनों ही शासन से अनुबंधित है। अस्पताल को प्रति केस शासन की ओर 2 हजार रुपए दिया जाता है। इसमें लेंस से लेकर चश्मे, दवा व आने-जाने का खर्च शामिल है। इसके बाद भी अस्पताल वाले मरीजों से पैसे की मांग कर रहे थे। जिसके कारण इस मामले ने बवाल पकड़ा।

इन मरीजों का ऑपरेशन होना था :

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पटेवा के सूरीत व फेकन यादव, जोगीडीपा से हिरमत ध्रुव, कोकड़ी से घासन बाई व राजकुमारी ठुमसा से रेवाशंकर कुंभकार बोड़रा से बेनीराम ध्रुव, चेतन ध्रुव व फुंलकुंवर ध्रुव। उपरोक्त सभी मरीजों को ऑपरेशन में थियेटर में ले जाकर पैसे मांगे गये।

गणेश विनायक अस्पताल के साथ शासन का अनुबंध है। इसलिए वे मरीजों से पैसे की मांग नहीं कर सकते। मामले में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। – डॉ. निधि ग्वालारे, स्टेट नोडल अफसर अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम

गणेश विनायक अस्पताल से वापस भेजे गए 9 मरीजों को भर्ती किया गया है। गुरुवार को सभी मरीजों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जायेगा। – तकदीर जैन, मैनेजर अरविंदो अस्पताल

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