दुल्हे की अचानक बारात आने से दुल्हन पक्ष के उड़े होश, जानें फिर क्या हुआ?

हमीरपुर (उ.प्र.) : जिले से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ लड़का और लड़की की शादी परिजनों ने तय कर दी थी, लेकिन दूल्हा अचानक बारात लेकर पहुँच गया, इससे दुल्हन पक्ष के लोगों के होश उड़ गये, गाँव में शान और मान प्रतिष्ठा की बात सामने आ गई , वहीँ हड़बड़ी में तैयारियों को लेकर मुसीबत खड़ी हो गई। मामला है शादी की तारीख से पहले एक दूल्हा बारात लेकर दुल्हन के घर शादी करने के लिए धमक गया। उसे देखते ही दुल्हन और उसके परिवारवालों के बीच हड़कंप मच गया लेकिन आनन-फानन में शादी संपन्न हुई।

यह वाकया उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले का है जहां से ये अजीबोगरीब मामला सामने आया है। दुल्हन के परिजनों ने बताया कि शादी की तारीख से एक दिन पहले ही बारात हमारे दरवाजे पहुंच गई। तय दिन से पहले बारातियों को देखकर हम तो हैरान रह गए। बारात दरवाजे पर थी और बारातियों के आ जाने पर शादी तो होनी ही थी तो गांववालों ने साथ दिया और आनन-फानन में सारी व्यवस्थाएं की गईं और शादी करवाई गई। अब अचानक से इतनी तैयारियां करवाना आसान काम नहीं था।

जानकारी के मुताबिक हमीरपुर के सिकरोढ़ी गांव निवासी स्वर्गीय रामफल अनुरागी की पुत्री रेखा की शादी सदर कोतवाली के पारा पुरवा गांव के बेटाराम के साथ तय हुई थी। शादी की तारीख 27 फरवरी रखी गई थी। दोनों पक्ष शादी की तैयारियां कर रहे थे लेकिन बारात तय तारीख से एक दिन पहले ही यानी 26 फरवरी को ही रेखा के दरवाजे पर पहुंच गई, जिसे देख पूरा गांव भौचक्का रह गया। अब सवाल उठने वाली बात ये है की क्या एक – दूसरे से बारात को लेकर निकलने के पूर्व आपस में बात नहीं हुई?

इस कारण हुई गड़बड़ी :

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दूल्हे बेटाराम के परिजनों ने बताया कि कार्ड की छपाई में परेशानी की वजह से ऐसा हुआ। कार्ड में 27 की जगह 26 फरवरी की तारीख छप गई थी। गाँव में कोई भी ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है तो लोगों ने इस पर ध्यान भी नहीं दिया। नाते-रिश्तेदारों को कार्ड बांट दिए गए थे तो तय तिथि से पूर्व ही रिश्तेदार भी आ गए थे और 26 फरवरी को लोग बारात लेकर दुल्हन को लाने सिकरोढ़ी गांव पहुंच गए। वहां पहुंचने के बाद सबको पता चला कि शादी की तारीख तो 27 फरवरी को थी।

गांववालों ने की मदद, हो गई शादी :

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रेखा के घर जब बारात पहुंची तो  बारात को देखकर लोग  हैरान-परेशान हो गए। हालांकि, गांववालों की मदद से सारे इंतजाम किए गए और रीति-रिवाज से शादी सम्पन्न करवाई गई। गांववालों ने बताया कि रेखा के पिता की मौत हो चुकी है और उसकी बारात एक दिन पहले दरवाजे पर आ गई तो उनकी तैयारी बिगड़ गई लेकिन गांव लोगों ने मिलकर रातों रात बारात के स्वागत-सत्कार की तैयारी की। खाना-पीना और शादी की सभी रस्में पूरी की गईं। शादी संपन्न होने के बाद रेखा को विदा किया गया। पूरे गाँव वालों ने बड़ी ही मेहनत और लगन से जैसे-तैसे विवाह को सम्पूर्ण रूप से संपन्न करवाया।