रोग-दोष से मिलेगी मुक्ति, धनधान्य की होगी प्राप्ति, दूर होगी आर्थिक तंगी, वरुथिनी एकादशी पर करें तुलसी के ये उपाय।

धर्म/संस्कृति : वरूथिनी एकादशी का दिन श्री हरि के साथ माता लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित है। वैशाख मास में पड़ने वाली एकादशी तिथि को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है, जो साधक इस कठिन व्रत का पालन करते हैं उन्हें धन और वैभव का वरदान मिलता है। इसके अलावा घर खुशियों से भरा रहता है। वरुथिनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस दिन का भक्तों के बीच बहुत महत्व है। वरूथिनी एकादशी को वैशाख एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन लोग कठिन उपवास करते हैं। वरुथिनी का अर्थ है सुरक्षा। ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त इस उपवास को रखते हैं उन्हें नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। वैशाख मास में पड़ने वाली एकादशी तिथि को वरुथिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है, जो भक्त इस कठिन व्रत का पालन करते हैं उन्हें सुख-शांति का वरदान मिलता है। इसके अलावा देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

इस साल यह एकादशी 4 मई, 2024 दिन शनिवार को मनाई जाएगी। वहीं, अगर इस शुभ तिथि पर तुलसी के कुछ उपाय कर लिए जाए, तो बहुत सारे कष्टों से छुटकारा मिलता है, आइए जानते हैं –

वरुथिनी एकादशी के दिन तुलसी का पौधा उत्तर-पूर्व दिशा में लगाएं :

वरुथिनी एकादशी के दिन तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। इससे जीवन में चल रही परेशानियों को धीरे-धीरे अंत होने लगता है। घर में तुलसी के पौधे को उत्तर-पूर्व दिशा में लगाएं।

तुलसी पूजन करें :

वरुथिनी एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें। तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें। फिर उसके सामने घी का दीपक जलाएं। फिर फूल, मिठाई और फल आदि चीजें अर्पित करें। देवी के वैदिक मंत्रों का जाप करें। अंत में भाव के साथ आरती करें। इस उपाय को करने घर की आर्थिक तंगी दूर होती है।

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एकादशी के दिन घर में करें तुलसी जल का छिड़काव :

वरुथिनी एकादशी पर गंगाजल में तुलसी दल डाल लें। इसके बाद उसे भगवान विष्णु को अर्पित कर दें। फिर उस जल को पूरे घर पर छिड़कें। इस उपाय को करने से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा रोग-दोष से मुक्ति मिलती है।

तुलसी दल का उपयोग करें :

वरुथिनी एकादशी के दिन भोग में तुलसी दल का इस्तेमाल जरूर करें। इससे साधक को रोग दोष से छुटकारा मिलता है। साथ ही किसी तरह की अड़चनें नहीं झेलनी पड़ती है।एकादशी के दिन अगर आप भगवान विष्णु की पूजा कर रहे हैं, तो उनकी पूजा और भोग में तुलसी दल का उपयोग जरूर करें। कहा जाता है कि इससे श्री हरि उस भोग को तुरंत स्वीकार करते हैं। साथ ही जीवन की सभी मुश्किलों से छुटकारा मिलता है। हालांकि इस दिन तुलसी पत्र नहीं तोड़ना चाहिए, इसलिए एक दिन पहले तुलसी पत्र तोड़कर रख लें।

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तुलसी माला पहनें :

एकादशी के दिन तुलसी की माला पहनें। इससे जातक को शुभ परिणाम मिलेंगे। बिगड़ते काम बनने लग जाएंगे और मानसिक तनाव भी कम होने लगेगा।