रायपुर : लोकसभा चुनाव के चलते साय सरकार ने बीती कांग्रेस सरकार की कोई भी योजना बंद नहीं की है, वहीँ उनके विश्लेषण की बात कही है। राज्य सरकार वर्तमान में 83 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा के कर्ज में लदी हुई है। वहीँ अब 6 जून के चुनावी परिणाम के बाद आम लोगों को झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ में बिजली का नया टैरिफ इस बार तय समय एक अप्रैल से लागू नहीं हो पाया है। लोकसभा चुनाव के कारण चुनाव के नतीजे आने के बाद जून में नया टैरिफ जारी होगा। इसकी तैयारी बिजली कंपनी में चल रही है। वहीँ 50% छूट को लेकर भी सरकार निर्णय ले सकती है, वहीँ लगभग छै माह बाद निगम चुनाव भी जिसको लेकर सरकार कुछ ढिलाई भी बरत सकती है।
वहीँ बिजली बिल के नये टैरिफ को लेकर अधिकारियों ने बताया कि इसके पहले भी वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के कारण जून और 2021 में अगस्त में नया टैरिफ जारी हुआ था। नए टैरिफ के लिए मार्च में जनसुनवाई हो चुकी है। अब सारी प्रक्रिया पूरी करने का काम नियामक आयोग में चल रहा है। प्रदेश के करीब 50 लाख घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की बात यह है कि उनको नए सत्र में महंगी बिजली का झटका नहीं लगेगा, बाकी के उपभोक्ता वर्ग के लिए बिजली की दर बढ़नी तय मानी जा रही है।
लग सकता है उपभोक्ताओं को झटका :
सब्सक्राईब करें हमारा यूट्यूब चैनल : https://www.youtube.com/@MachisFilmProduction/
पावर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग को भेजे गए लेखा-जोखा में नए सत्र में 3,600 करोड़ के फायदे का उल्लेख किया है। लेकिन पुराना घाटा 7,775 करोड़ की भरपाई के लिए घरेलू को छोड़ बाकी वर्ग का टैरिफ बढ़ाया जाएगा। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, वितरण कंपनी के साथ ही उत्पादन और ट्रांसमिशन कंपनी का भी पूरा लेखा-जोखा देखने के बाद ही आयोग तय करेगा कि कंपनी को वास्तव में खर्च के लिए कितने राजस्व की जरूरत है और बिजली बेचने से कितना राजस्व मिलेगा। वहीँ कोयले के दाम कितने बढ़े है, अथवा बिलों में बढ़ोत्तरी कितनी करनी है, इस पर विचार किया जायेगा।
छोटी – छोटी नवकन्या घर आये , पूरा सुने यह मधुर भजन और हमारे चैनल को सब्सक्राईब करें, इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.youtube.com/watch?v=8OLfH1w-yBw
साथ ही, पुराना घाटा कम करने के बाद उसकी पूर्ति के लिए कितने अतिरिक्त राजस्व की जरूरत पड़ेगी। इसमें आयोग अंतर की राशि की पूर्ति के लिए तय करेगा किस वर्ग के टैरिफ में कितनी बढ़ोत्तरी किया जाए। आयोग पुराने घाटे को एक के स्थान पर इससे ज्यादा बार में भी पूरा करने का फैसला कर सकता है। ऐसा होने से टैरिफ में कम इजाफा होगा। अब देखना होगा कि इसमें क्या होगा।



