डोंगरगढ़ : कालकापारा में 31 मई 2024 को राहुल सहारे के सूने मकान में चोरी हुई थी, जिसको लेकर पुलिस में इस केस की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी लिखित शिकायत डोंगरगढ़ थाने में प्रार्थी ने दर्ज कराई, शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की। जिसमे पुलिस को कामयाबी मिली है। उसके बाद जांच में पुलिस ने एक नाबालिग और उसके दो दोस्तों कुणाल डोंगरे और दिवाकर वालदे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जब तीनों से पूछताछ की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए, पीड़ित राहुल सहारे का रिश्तेदार भी इस चोरी के केस में शामिल था।
आरोपियों ने पहले चोरी की और करीब तीन लाख के जेवरात लेकर महिला टीचर के पास पहुंचे। उसके बाद महिला टीचर ने चोरी के सामान के राजनांदगांव और डोंगरगढ़ के विभिन्न ज्वेलरी शॉप में खपाने की योजना बनाई। पुलिस ने विभिन्न ज्वेलरी दुकानों में बेचे गए जेवरों को बरामद कर लिया है। जिसकी जांच के बाद डोंगरगढ़ पुलिस चोरों और चोरी का माल बेचने वालों को गिरफ़्तार कर लिया है। मामले में सभी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और अदालत ने सभी को जेल भेज दिया है।
ज्वेलर्स पर नहीं हुई कार्यवाही :
इस केस में जो ज्वेलर्स चोरी का सामान खरीदते थे उन पर कार्यवाही नहीं हुई है। पुलिस ने इसे सद्भावना पूर्वक लेन देन माना है। हालांकि इस केस में उनके ऊपर भी कार्यवाही का आधार बन सकता है क्योंकि बिना पर्ची और बिल के यह लेन देन हुआ है।
शिक्षिका ने बनाई थी चोरी की योजना :
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पुलिस ने बताया कि, नाबालिग ने अपने दो सहयोगियों के साथ चोरी किया था। उस चोरी के माल को अलग-अलग ज्वेलर्स दुकान में खपाने का काम उनकी महिला टीचर प्रणिता नायडू ने किया। इस मामले में प्रार्थी राहुल सहारे के नाबालिक रिश्तेदार ने ही अपने दो दोस्तों के साथ घटना को अंजाम दिया था। जिसके बाद नाबालिग चोरी के ज़ेवरात लेकर अपनी टीचर प्रणिता नायडू के पास पहुंचे। शिक्षिका ने बच्चों को सही राह ना दिखाते हुए चोरी के जेवरात को खपाने उनकी टीचर प्रणिता नायडू ने योजना बनाई।
पहचान की दुकान में बेचे गहने :
योजना के अनुसार प्रणिता अपने जान पहचान के अलग अलग ज्वेलर्स दुकान पहुंची। जहां पर वह पहले से ही लेन-देन करती थी ताकि किसी को शक ना हो की ये चोरी का जेवरात हैं और चोरी के माल को थोड़ा-थोड़ा कर के बेच दिया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियो के साथ चोरी हुए लगभग तीन लाख के ज़ेवरात को अलग अलग दुकानों से शत प्रतिशत बरामद कर लिया है। और आरोपियों को विभिन्न धाराओ में कार्यवाही कर जेल भेज दिया। डोंगरगढ़ पुलिस की यह काफी बड़ी सफलता मानी गई है।
पुलिस ने जब जांच पड़ताल की तो पीड़ित का रिश्तेदार जो नाबालिग है वह इस केस में मुख्य आरोपी निकला, उसने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया है। इन्होंने एक शिक्षिका की मदद से चोरी के सामान को खपाने का काम किया। तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया” : आशीष कुंजाम, एसडीओपी, डोंगरगढ़
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