रायपुर : छत्तीसगढ़ में 10 सीटों में से एक सीट में वर्तमान विधायक और मंत्री अब चुनाव जीतकर सांसद बन गए है। बृजमोहन अग्रवाल को पार्टी ने लोकसभा चुनाव का टिकट दिया था, और यह बदलाव पार्टी के लिए कारगर साबित हुआ। बृजमोहन साय कैबिनेट में मंत्री थे। वहीं अब उनके इस्तीफे के बाद यह पद खाली हो जाएगा। वहीं पहले से ही एक और पद खाली है। अब इन दो पदों पर सीएम विष्णु देव को नए चेहरे को मौका देना होगा। जिसे लेकर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इन पदों के लिए अनुभवी के साथ-साथ युवा विधायक भी दौड़ में शामिल हो गए हैं।
इन पांच नामों की चर्चाएं तेज :
छत्तीसगढ़ सरकार की कैबिनेट में खाली दो मंत्री पदों को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है। जहां मंत्री बनने की दौड़ में कई बड़े नेताओं के नाम शामिल हैं। वहीं अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय नेताओं की चर्चा भी खूब हो रही है। वहीँ मंत्री पदों के लिए इन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा की जा रही है। इन नामों में अजय चंद्राकर, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, लता उसेंडी के नाम की भी चर्चा है।
पहली बार चुन कर आए नए विधायक ने अपनी लॉबिंग काफी तेज कर दी है। सत्ता से लेकर संगठन तक अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं। समाज विशेष से आने वाले नेता को मौका मिलने की भी चर्चा शुरू हो गई है। वहीं चार पूर्व मंत्री भी अपने दावेदारी प्रमुखता से कर रहे हैं। ऐसे में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाना आसान नहीं होगा।
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सांसद बनने के बाद अब बृजमोहन अग्रवाल भी एक साथ दो पदों की सदस्यता नहीं रख सकते है। उन्हें विधानसभा सदस्य, या संसद की सदस्यता दोनों में से एक पर से इस्तीफा देना पड़ेगा। हालांकि ये साफ हो गया है कि वे विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे। बता दें कि जब कोई व्यक्ति संसद और विधानसभा दोनों के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिन के भीतर विधानसभा की सीट खाली करनी होती है, यदि ऐसा नहीं करते हैं तो उसकी संसद की सदस्यता रद्द हो जाती है।



