नवी मुंबई (महाराष्ट्र) : ईद के पहले सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने में लगे है कुछ लोग, बकरीद से पहले नवी मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मटन शॉप में एक बकरे के ऊपर ‘राम’ नाम लिखा गया था और उसे बेचने के लिए रखा गया था। गौरतलब है कि भगवान राम हिंदु धर्म के आराध्य हैं और उनसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे में यह मामला धार्मिक भावनाओं को आहत करने का लग रहा है। नवी मुंबई में बकरीद पर कुर्बानी के लिए रखे गए बकरे पर राम नाम लिख दिया गया, जिसको लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध किया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी मटन शॉप मालिक को हिरासत में ले लिया।
ये है पूरा मामला? :
बकरीद के नाम पर राम नाम लिखित बकरे को हलाल करने की योजना थी। जब हिंदू संगठनों को इस बात की जानकारी मिली तो वह आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। पुलिस ने भी इस मामले की एफआईआर दर्ज कर ली है। आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए दुकान के मालिक को हिरासत में ले लिया है। बता दें कि 17 जून मुस्लिमों का त्यौहार बकरीद है। इस दिन जानवरों की बलि दी जाती है। पैगंबर इब्राहिम की ईश्वर के प्रति आज्ञाकारिता को याद करते बकरीद मनाई जाती है। इससे पिछले साल 2023 में मुंबई के मीरा रोड क्षेत्र से भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया था। जहां एक आवासीय परिसर में एक मुस्लिम व्यक्ति बकरों को कुर्बानी के लिए लेकर आया था।
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प्राथमिक रूप से मिली जानकारी के मुताबिक, नवी मुंबई में सीबीडी सेक्टर वन में गुडलक मटन शॉप पर राम नाम लिखा हुआ एक बकरा बेचने के लिए रखा हुआ था। इसके बाद इस मामले में हिंदू संगठनों द्वारा विरोध करने पर पुलिस ने आईपीसी की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए दुकान के मालिक को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मटन शॉप के मालिक का नाम मोहम्मद शफी शेख है। बेलापुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा आईपीसी की धारा 34 और पशु क्रूरता के अधिनियम 11 के तहत भी मामला दर्ज किया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक महानगरपालिका द्वारा इस मटन शॉप से 22 बकरों को जब्त किया गया है। दुकान मालिक पर क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है।
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गौलतलब है कि 17 जून को बकरीद है। ये मुसलमानों का त्यौहार है, जिसमें वह जानवरों की बलि देकर पैगंबर इब्राहिम की ईश्वर के प्रति आज्ञाकारिता को याद करते हैं। इन बलिदानों का मांस पारंपरिक रूप से परिवार और लोगों के साथ साझा किया जाता है। पैगंबर इब्राहिम की कहानी पर आधारित इस परंपरा में ईद समारोह के दौरान तीन दिनों तक जानवरों की बलि दी जाती है। मामले को लेकर हिन्दू संगठनों ने कहा जबरदस्ती हिन्दुओं को उकसाने वाला काम किया जा रहा है और धार्मिक भावनायें आहत की जा रही है।



