कमीशनखोरी को लेकर निगम के अधिकारी एई-एसई डीसी सोनकर और देवेन्द्र यादव ACB की गिरफ्त में।

कोरबा : लगभग हर सरकारी विभाग में बिना कमीशन और जेब गर्म किये कोई कम नहीं होता, आम आदमी इसे अपनी नियति मानकर चुपचाप सरकारी कर्मियों को रिश्वत दे ही देता है और जो नहीं देता उसका काम होना तो लगभग नामुमकिन ही है, ऐसे कुछ मामले ही सामने आ पाते है, जिनमें खानापूर्ति के नाम पर कोई-कोई फंस जाता है, आम आदमी रिश्वतखोरी से काफी परेशान है, लेकिन वो प्रशासन में बैठे अधिकारीयों से पंगा लेकर मुसीबत मोल नहीं लेना चाहता, कब कौन से नियम में आम आदमी लपेटा जाये। ऐसे ही एक मामले में छत्तीसगढ़ के कोरबा नगर निगम में एसीबी की टीम ने एई और एसई को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों अफसर बिल पास करने के नाम पर ठेकेदार से 2% कमीशन की मांग कर रहे थे। जिसके बाद एसीबी की टीम ने छापा मारकर दोनों आरोपियों को 35 हजार रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

 21 लाख रुपए का किया निर्माण कार्य :

ठेकेदार मानक साहू नगर निगम में ठेकेदारी का काम करता है। दर्री जोन में उसने 21 लाख रुपए का निर्माण कार्य किया था। जिसका रनिंग और फाईनल बिल बनाकर भुगतान के लिए नगर निगम कार्यालय में जमा किया था। तभी निगम के एई डीसी सोनकर ने बिल पास करने के नाम पर दो फीसदी कमीशन की मांग की थी। ठेकेदार मानक साहू कमीशन नहीं देना चाहता था। ठेकेदार लगातार परेशान चल रहा था, वहीँ ओने भुगतान को लेकर फंसे होने के कारण उसे समझ नहीं आ रहा था, फिर नगर निगम ऑफिस में चल रहे कमीशनखोरी से परेशान होकर इस पूरे मामले की शिकायत उसने ACB से कर दी। जिसके बाद टीम ने आरोपी निगम अफसर को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। फिर शिकायत का परीक्षण कराने के लिए ठेकेदार को साक्ष्य जुटाने कहा गया। योजना के तहत ACB की टीम ने मंगलवार को एई को रंगे हाथों पकड़ने के लिए कोरबा में दबिश दी।

दोनों आरोपी नगद के साथ गिरफ्तार :

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इस दौरान दोपहर करीब एक बजे ठेकेदार मानक साहू पैसे लेकर एई सीडी सोनकर के पास पहुंचा। तब उसने दर्री जोन कार्यालय में सब इंजीनियर देवेंद्र यादव को पैसे देने के लिए कहा। जिसके बाद वह दर्री जोन कार्यालय पहुंचा और सब इंजीनियर देवेंद्र यादव को 35 हजार रुपए दिए। उसके पीछे-पीछे पहुंची एसीबी की टीम ने सब इंजीनियर को रंगे हाथों दबोच लिया। साथ ही एई को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों फिर ACB की गिरफ्त में आ गये।

इन धाराओं के तहत हुई कार्यवाही :

दोनों आरोपियों के खिलाफ एसीबी की टीम धारा 7,12पीसी एक्ट 1988 के तहत कार्यवाही कर रही है। एसीबी में शिकायत करने के बाद ठेकेदार मानक साहू ने उन्हें रंगे हाथों पकड़वाने के लिए जाल बिछाया। उसने एई से दो फीसदी कमीशन 42 हजार रुपए की जगह कम पैसे लेने के लिए आग्रह किया। जिसके बाद एई ने 35 हजार रुपए देने के लिए कहा। फिर वह पैसे लेकर सीधे निगम ऑफिस पहुंच गया। इसी तरह कुछ मामले सामने आ जाते है, लेकिन अधिकतर मामले दबे रह जाते है।

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