कोल्हापुर (महाराष्ट्र) : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई रिपोर्टों से पता चला है कि महाराष्ट्र के एक पूर्व सांसद के नेतृत्व में भीड़ ने राज्य के कोल्हापुर क्षेत्र में एक मस्जिद पर हमला किया गया और तोड़फोड़ की है, जिसका विडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भीड़ भगवा झंडा लेकर मस्जिद पर चढ़ी हुई है और हथौड़ों से मीनार तोड़ रही है। वहीं दूसरा व्यक्ति झंडा लहरा रहा है। भीड़ ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए, ‘संभाजी राजे छत्रपति अतिक्रमण हटाओ अभियान’ के दौरान गजपुर गांव में मस्जिद को तोड़ रही है।
कथित हमला विशालगढ़ किले के आसपास चलाए जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुआ है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सोमवार को बताया कि अभियान हिंसक हो गया, क्योंकि भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। इस मामले में 500 से ज्यादा लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और 21 अन्य को गिरफ्तार किया गया है। घटना को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गये थे, जमकर मारपीट की अपुष्ट खबरें भी सामने आई है।
एक अधिकारी ने बताया कि पुणे से आये कुछ दक्षिणपंथी समर्थकों को निषेधाज्ञा के मद्देनजर किले के निचले हिस्से में रोके जाने के बाद हिंसा भड़क उठी। वहीं एक समुदाय ने दूसरे पर उनके घरों में घुसकर तोड़फोड़ करने और उनके धार्मिक स्थल को तोड़ने का आरोप लगाया है। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है, काफी बवाल मचा हुआ है। जिले में 15 जुलाई से 29 जुलाई तक महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 37 (ए) ए से एफ और धारा 37 (3) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए किले में तैनात पुलिसकर्मी घायल हो गए, क्योंकि दक्षिणपंथी संगठन के विरोध प्रदर्शन के बाद उपद्रवियों ने पथराव किया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। हमें आगजनी की सूचना मिली हैं।’ अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने नेताओं समेत 500 से अधिक लोगों के खिलाफ चार मामले दर्ज किए गये हैं और 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने बताया कि अन्य की तलाश जारी है।
शाही परिवार के वंशज पर भी केस :
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राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि किले तक मार्च का नेतृत्व करने के लिए मराठा शाही परिवार के वंशज संभाजीराजे छत्रपति पर भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के इम्तियाज जलील ने मार्च का नेतृत्व करने के लिए संभाजीराजे छत्रपति पर निशाना साधा। घटना के बाद राजनैतिक बवाल मचने की उम्मीद है, वहीँ मुस्लिम नेताओं और विपक्ष की बयानबाजी भी शुरू हो गई है।



