“सर तन से जुदा” केस में सभी छै आरोपी बरी, पुलिस नहीं कर पाई अपना काम।

अजमेर (राजस्थान) : अजमेर दरगाह के बाहर भीड़ में ‘सिर तन से जुदा’ के नारे लगाने के मामले में फैसला आया है। खादिम सहित सभी छह आरोपियों को एडीजे-4 कोर्ट ने बरी कर दिया है। पूरे प्रकरण को लेकर 2 साल से कोर्ट में ट्रायल चल रहा था। इस दौरान 22 गवाह और 32 दस्तावेज पेश किए गये। अजमेर की अदालत ने मंगलवार को भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के खिलाफ ‘सिर तन से जुदा’ नारे लगाकर लोगों को उकसाने के मामले में मुख्य आरोपी खादिम सैयद गौहर चिश्ती समेत छह आरोपियों को बरी कर दिया है। सातवें आरोपी को पुलिस पकड़ नहीं पाई थी। उसे भगौड़ा घोषित किया गया है। पुलिस की जांच में तकनीकी खामियों का फायदा आरोपियों को मिला है। पुलिस घटना के वीडियो और संबंधित उपकरणों का प्रमाणीकरण कोर्ट में पेश नहीं कर पाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रितु मीणा ने कहा कि आरोपों को साबित करने के लिए सबूत अपर्याप्त हैं, जिसके कारण आरोपियों को बरी करना पड़ा।

कोर्ट के फैसले को अभियोजन पक्ष और पुलिस के लिए झटका माना जा रहा है। पुलिस के अनुसंधान पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रकरण में मुख्य आरोपी सैयद गौहर चिश्ती, फकर जमाली, ताजीम सिद्दीकी, रियाज हसन, नासिर और मोइन शेख को बरी किया गया है। सरकारी वकील गुलाम नजमी फारुकी ने कहा कि कोर्ट निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जायेगी। प्रकरण में 7 आरोपी थे। इनमें से एक आरोपी अहसानुल्लाह फरार है। मामले को लेकर सामने आया कि जांच में तकनीकी खामियों का आरोपियों को फायदा मिला है।

दो साल पुराना केस :

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ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के निजाम गेट की सीढ़ियों पर 17 जून, 2022 को सिर तन से जुदा का नारा लगाने और भड़काऊ भाषण देने की घटना के वीडियो फुटेज वायरल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने 22 जून, 2022 को दरगाह थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पैगंबर मोहम्मद के बारे में नूपुर शर्मा की कथित टिप्पणी के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर नारा लगाया गया था। भाजपा ने नुपुर शर्मा को निलंबित भी कर दिया था, जिसके बाद वह सुरक्षा घेरे में घर में ही वर्षभर कैद रही।