रायपुर : व्यापार करने के लिये GST नंबर लेना अनिवार्य हो गया है, GST को लागू हुये लम्बा समय बीतने के बाद भी आये दिन कोई ना कोई नया नियम व्यापारियों के मुसीबत बढ़ा रहा है, वहीँ अब 1 सितंबर, 2024 से जीएसटीआर-1 दाखिल करने के लिए वैध बैंक खाते का विवरण देना अनिवार्य हो गया है। यह नियम जीएसटी नियम 10ए के तहत आया है। यानी अब कोई भी करदाता बिना वैध बैंक खाते के जीएसटीआर-1 दाखिल नहीं कर पायेगा। जीएसटीआर दाखिल करने के लिए 1 सितंबर से करदाताओँ को वैध बैंक एकाउंट की जानकारी देना अनिवार्य होगा। वहीँ इस नए नियम के तहत करदाताओं को पंजीकरण मिलने के 30 दिनों के भीतर अपना बैंक खाते का विवरण जीएसटी पोर्टल में अपलोड करना होगा। ऐसा नहीं करने पर क्रेताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिल पायेगा। इससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। नया जीएसटी नंबर लेने के लिये दुकान का वेरिफिकेशन भी जरुरी हो गया है, वहीँ बैंक खाते के लिये भी दुकान का वेरीफाई होना जरुरी है।
मुख्य उद्देश्य जीएसटी चोरी पर रोक लगाना :
जीएसटीआर-1 नहीं भर पाने पर विक्रेता को नुकसान उठाना पड़ेगा। जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि इस नियम को लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य जीएसटी चोरी पर रोक लगाने के साथ ही फर्जीवाडा़ करने वालों को पकड़ना है। इसके लिए विभाग द्वारा विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। जीएसटीएन द्वारा 23 अगस्त को इस संबंध में एडवाइजरी करते हुए जीएसटी के नियम 10ए के अनुसार करदाता को पंजीकरण की तारीख से 30 दिन के भीतर वैध खाते का विवरण देना अनिवार्य किया गया है। जीएसटी को लेकर आये दिन नये नियमों से व्यापारी परेशान हो रहा है।
रजिस्ट्रेशन डिटेल में अपने बैंक अकाउंट ऐसे करें शामिल :
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संशोधन के अनुसार, रजिस्टर्ड टैक्सपेयर को रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के 30 दिन के भीतर या फॉर्म जीएसटीआर-1/आईएफएफ बाहरी आपूर्ति का विवरण दाखिल करने से पहले अपने नाम तथा पैन वाले बैंक खाते का विवरण प्रस्तुत करना आवश्यक था। जिन्होंने अभी तक वैध बैंक खाते का विवरण नहीं दिया है। उन्हें कहा कि वे जीएसटी प्लेटफॉर्म पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन डिटेल में अपने बैंक अकाउंट की जानकारी जोड़ें। अब यह जानकारी अनिवार्य रूप से देना पड़ेगा।
रजिस्ट्रेशन में वैध बैंक अकाउंट की जानकारी न होने पर अगस्त 2024 की रिटर्न अवधि से जीएसटीआर-1 या आईएफएफ दाखिल नहीं कर पाएंगे। प्रदेश में पिछले 7 महीनों में जीएसटी विभाग द्वारा 300 करोड़ से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। वहीँ जीएसटी चोरी के मामले राजधानी के 22 व्यापारी जेल में है।



