बलौदा बाज़ार हिंसा में षड्यंत्र का हुआ खुलासा, कांग्रेस विधायक सहित 300 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार।

रायपुर : बलौदाबाजार हिंसा के केस में पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया है। बलौदाबाजार ASP हेमसागर सिदार ने बताया कि : ” 10 जून को बलौदाबाजार के घटनाक्रम में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस कार्यालय और संयुक्त जिला कार्यालय में आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में दो मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है। अपराध क्रमांक 379/2024 में 60 और 380/2024 में 61 आरोपी बनाए गए है. इस तरह दोनों मामलों में 121 अभियुक्तों के खिलाफ चालान पेश किया गया है। आगजनी के मुख्य मामले में पुलिस ने 1325 और 1200 पेज का चालान पेश किया है। बलौदाबाजार में 10 जून को कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी व हिंसा के मामले में पुलिस ने 12 अलग-अलग मामलों में अदालत में 6,970 पन्नों का चालान पेश किया गया है। इस आरोप पत्र में ये आरोपियों का षड्यंत्र उजागर हुआ है।

पुलिस के अनुसार यह कोई त्वरित घटना नहीं थी, बल्कि तोड़फोड़, आगजनी कांड को सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव समेत 365 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, उसकी गिरफ्तारी को लेकर बड़ा बवाल भी हुआ कांग्रेसियों पर पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। पुलिस ने सिटी कोतवाली थाने में दर्ज 12 एफआईआर में से दो मामलों में 121 आरोपियों के खिलाफ क्रमश: 1,325 पेज और 1,200 पेज का चालान पेश किया गया है। आरोपी बनाए गए विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही विधायक देवेंद्र यादव अभी जेल में बंद हैं। कांग्रेस गिरफ़्तारी का लगातार विरोध कर रही है।

17 अगस्त को भिलाई से देवेंद्र यादव को गिरफ्तार किया गया था। यादव की रिमांड तीन सितंबर तक बढ़ा दी गई है। 10 जून को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में सभा हुई। इसके बाद कुछ उपद्रवियों ने बलौदाबाजार एसपी-कलेक्ट्रेट कार्यालय में आग लगा दी गई। सैकड़ों गाड़ियां फूंक दी गई थी। इस घटना में 12 करोड़ की संपत्ति के नुकसान का अनुमान जताया गया है। इसके पहले बलौदाबाजार के महकोनी गांव में 15-16 मई की दरमियानी रात अमरगुफा में जैतखाम काटे जाने के बाद सतनामी समाज का गुस्सा फूटा था। समाज ने ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की मांग की थी। राज्य शासन ने न्यायिक जांच शुरू की थी और पुलिस ने भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कुछ लोगों ने सीबीआई जांच की मांग की थी।

यह है पूरा मामला :

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बलौदाबाजार के महकोनी गांव में 15-16 मई की दरमियानी रात अमरगुफा में जैतखाम काटे जाने के बाद सतनामी समाज का गुस्सा फूटा था। कार्यवाही की मांग के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कुछ लोगों ने सीबीआई जांच की मांग की थी। इसी घटना को लेकर 10 जून को बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में सभा हुई। इसके बाद आक्रामक भीड़ ने बलौदाबाजार एसपी-कलेक्ट्रेट कार्यालय में आग लगा दी गई। सैकड़ों गाड़ियां फूंक दी गई। एक अनुमान के मुताबिक 12 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ था। इस घटना के बाद सतनामी समाज ने खेद व्यक्त किया था। एएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि, 10 जून को बलौदाबाजार में हुए आगजनी हिंसा कांड में अब तक 365 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।