जॉली एलएलबी 2 की तर्ज पर वकील सुल्तान अहमद और RTO एजेंट ने की ठगबाजी, सामने आया चौंकाने वाला मामला।

रायपुर : राजधानी में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जो फिल्म “जॉली LLB 2” की कहानी जैसा है। घटना में जो सामने आया है , उसके अनुसार खमतराई थाने में एक वकील के खिलाफ जमानत दिलाने का झांसा देकर ठगी कर ली गई है। प्रार्थी, जो पहले ही खुद ठगी के आरोप में जेल में बंद था, उसी ने पुलिस को बताया है कि उसकी पत्नी को उसी दौरान वकील सुल्तान अहमद निजामी और आरटीओ एजेंट परवेज ने धोखे से शिकार बना लिया है। वकील और एजेंट ने मिलकर कूटरचित दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर करवकर अनिल कुमार वर्मा की कार, एमजी हेक्टर, अपने नाम करवा ली है।

घटना के अनुसार एक व्यक्ति का केस लड़ते-लड़ते वकील ने आरटीओ एजेंट से मिलकर उसकी कार अपने नाम पर करवा लिया है। जेल से छूटने के बाद इसकी जानकारी होने पर पीड़ित ने खमतराई थाने में इसकी शिकायत की है। पुलिस ने वकील और आरटीओ एजेंट के खिलाफ इस मामले में अपराध दर्ज कर लिया है।

फर्जी हस्ताक्षर बनाकर क्लाइंट को लूटा :

पुलिस के अनुसार महावीर नगर निवासी अनिल कुमार वर्मा और उनकी पत्नी दोनों एक आपराधिक मामले में जेल में बंद थे। इस दौरान महिला को एक अन्य वकील के माध्यम से जमानत मिल गई, और इसके बाद अनिल की जमानत के लिए उसकी पत्नी ने अधिवक्ता मोहम्मद सुल्तान अहमद निजामी से संपर्क किया था। अधिवक्ता ने उन्हें उनके पति की जमानत करवाने का आश्वासन दिया। इस दौरान उसने महिला से कई दस्तावेजों में हस्ताक्षर करवाए। कुछ दिन बाद अनिल कुमार वर्मा भी हाईकोर्ट से जमानत पर छूट गए।

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इसके बाद दोनों ने अधिवक्ता निजामी से जमानत संबंधी दस्तावेजों की मांग की। दस्तावेज देने में वे आनाकानी करने लगे। इसी बीच उन्हें एक दस्तावेज मिला। अनिल और उनकी पत्नी कम पढ़े-लिखे हैं। इस कारण उस दस्तावेज को समझ नहीं पाए। दूसरे वकील को दस्तावेज दिखाया गया, तो उसने बताया कि मकान बेचने का इकरारनामा है। अधिवक्ता निजामी ने अपने साथी राजेश रेलवानी के माध्यम से उनका मकान किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया था। यह जानकारी मिलने पर दोनों पति – पत्नी के पैरों तले जमीं खिसक गई।

आरटीओ एजेंट पर अपराध दर्ज :

इसके अलावा उनकी कार को भी आरोपी ने अपने पास रख लिया था। उनकी कार को अपने नाम पर नामांतरण भी करवा लिया था। इसके लिए आरोपी अधिवक्ता ने आरटीओ एजेंट मोहम्मद परवेज के माध्यम से कूटरचित दस्तावेज भी बनवाए थे। इसमें अनिल के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। पूरे मामले की शिकायत अनिल ने खमतराई थाने में की है। इस मामले में वकील सुल्तान अहमद निजामी और परवेज पर धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है।

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