नई दिल्ली : दिल्ली के नेब सराय इलाके में सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। इस हत्याकांड का आरोपी कोई और नहीं बल्कि घर का बेटा ही है। बेटे ने ही अपनी मां, बाप और बहन को मौत के घाट उतारा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। नेब सराय क्षेत्र में बुधवार तड़के एक ही परिवार के तीन लोगों की चाकू से गोदकर हत्या की खबर सुनकर राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले लोग सन्न रह गए थे। मां-बाप और बेटी की हत्या के चलते पूरी दिल्ली में हड़कंप मच गया था, इस घटना ने पूरी दिल्ली को हिलाकर रख दिया था, लेकिन पुलिस द्वारा ट्रिपल मर्डर केस का खुलासा करने के बाद भी लोग खुद को यह भरोसा नहीं दिला पा रहे थे कि एक बेटा कैसे अपने मां, बाप और बहन की हत्या का कातिल हो सकता है, लेकिन यही सच है।
जो मामला सामने आया उसके अनुसार नेब सराय इलाके में बुधवार सुबह एक अधेड़ दंपति और उनकी बेटी की उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। तीनों की पहचान राजेश कुमार (51), उनकी पत्नी कोमल (46) और उनकी बेटी कविता (23) के रूप में हुई थी। दंपति का बेटा अर्जुन घटना के दौरान मॉर्निंग वॉक पर गया हुआ था। जब सुबह करीब 5:30 बजे सैर के बाद घर लौटा तो उसने कहानी बताई। उसने पड़ोसियों को सूचित किया और फिर पुलिस को फोन भी किया। अब पुलिस ने खुलासा किया है कि बेटे ने ही इस हत्याकांड की वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना को लेकर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
पहली मंजिल पर मिला पिता का शव :
हत्याकांड के बाद पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अंकित सिंह ने जानकारी देते हुए बताया था कि दंपति के बेटे ने पीसीआर कॉल कर पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। राजेश का शव घर की पहली मंजिल पर पड़ा मिला, जबकि महिलाओं के शव भूतल पर थे। हमलावर ने धारदार हथियार का इस्तेमाल किया था। घटना के बारे में जानकारी देते हुए अर्जुन के मामा सतीश कुमार ने बताया था, “राजेश मेरे जीजा थे। मुझे मेरे भांजे अर्जुन ने घटना के बारे में फोन पर सूचित किया था।
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ज्वाइंट एसीपी का कहना है कि कोई भी इस घटना पर ऐतबार नहीं कर सकता। एक नासमझ बेटे, किसी शख्स की नहीं बल्कि अपने खाते-पीते अच्छे परिवार की हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि घटना की सूचना पर तत्काल पुलिस अफसर और थाना पुलिस मौक पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। जांच में यह पाया गया कि घर में जबरन कोई नहीं घुसा है, ना ही घर का सामान गायब मिला। इसके बाद हमें बेटे पर शक हुआ तो बेटे की गतिविधि के बारे में पूछताछ की गई। बेटे (अर्जुन तंवर) ने बताया कि वो घर पर नहीं था जब वारदात हुई। बेटे अर्जुन ने अपने बयान में बताया कि वो सुबह 5:30 से 6:30 के बीच घर पर नहीं था, जिस समय यह वारदात हुई। लिहाजा, पुलिस द्वारा इस समय के सभी CCTV खंगाले गए जिसमें यह पाया गया कि इस समय कोई संदिग्ध घर के पास नहीं गया। इस तरह जांच की सुई बेटे पर ही अटकी।
हत्या के पीछे क्या था मकसद?
मामले में सामने आया की आरोपी परिवार में उपेक्षित महसूस करता था। अपने पिता को लेकर उसके मन में कुंठा थी। पिता इसके दोस्तों के सामने मारते और डांटते थे। इसने कुंठा से ग्रसित होकर गुस्से में ये कदम उठाया। जांचकर्ताओं ने कहा कि अर्जुन अपने पिता के प्रति काफी नाराज था, जिस पर उसने पक्षपात करने और अक्सर डांटने का आरोप लगाया था। संयुक्त सीपी जैन ने कहा कि 20 वर्षीय अर्जुन तंवर ने उन्हें बताया, ” वह अपने घर में सौतेले बच्चे की तरह महसूस करता था।” कम उम्र में उसने अपनी नासमझी के कारण पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया। चार दिसंबर को उसके माता पिता की शादी की सालगिरह थी, इसलिए इसने यह दिन चुना। इसको लगा कि आज के दिन उसपर कोई शक नहीं करेगा।
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