रायपुर : कभी – कभी बिना सोचे समझें क्षणिक गुस्से में कोई बड़ा कदम नहीं उठा लेना चाहिये, भावना में बहकर उठाया गया कदम कितना हानिकारक हो सकता है, वो इस घटना से समझ में आता है। मामला रायपुर का है, यहाँ जब पति थका मांदा घर पहुंचा तब पत्नी के मोबाईल देखने में मशगूल थी, जिससे नाराज हुए पति ने उसे दूसरी मंजिल की बालकनी से नीचे फेंक दिया। इस घटना में प्राप्त जानकारी के अनुसार पति सुनील जनबंधु काम से घर लौटा था। इसके बाद उसने पत्नी ने खाना मांगा, लेकिन पत्नी खाना देने की जगह मोबाईल देखने में व्यस्त थी, बार – बार खाना मांगने के बाद भी पत्नि ने मोबाईल नहीं छोड़ा।
इस पर पति को इतना गुस्सा आया कि वो पत्नी को घसीटते हुये दूसरी मंजिल की बालकनी में ले गया और आव देखा ना ताव वहां से नीचे फेंक दिया। इसके बाद गंभीर हालत में पत्नी को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिस ने पति के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। घटना में महिला की हालत चिंताजनक है।
खींचते हुए बालकनी में ले गया :
यह घटना गुढियारी थाने के विकास नगर क्षेत्र की बताई जा रही है। पति और पत्नी के बाद खाना ना देने और मोबाईल फोन देखते रहने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद पति उसे खींचते हुए बालकनी तक ले आया और ऊपर से धक्का दे दिया।पति के धक्का देने से नीचे गिरी पत्नी को गंभीर चोटें आई है। इसके बाद आस-पास के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और एंबुलेंस को दी। जिसके बाद महिला को डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। आरोपी पति सुनील जनबंधु सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
मोबाइल फ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल कई तरह से जीवन को प्रभावित कर सकता है :
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- स्वास्थ्य समस्याएं : मोबाइल फ़ोन से निकलने वाले इलेक्ट्रोमैग्नेटिक विकिरणों से डीएनए क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे मस्तिष्क कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा, मोबाइल फ़ोन की स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी नींद के पैटर्न को प्रभावित करती है।
- शारीरिक समस्याएं : ज़्यादा फ़ोन देखने से आंखों पर बुरा असर पड़ सकता है और उनकी जलन हो सकती है। फ़ोन देखने के लिए गर्दन को अस्वाभाविक स्थिति में रखने से सिरदर्द और गर्दन दर्द हो सकता है।
- सामाजिक अलगाव : मोबाईल का ज़्यादा इस्तेमाल करने से सामाजिक अलगाव हो सकता है।
- मनोवैज्ञानिक प्रभाव : मोबाईल का ज़्यादा इस्तेमाल करने से मानसिक तनाव हो सकता है।
- पारिवारिक संबंधों पर असर : मोबाईल का ज़्यादा इस्तेमाल करने से पारिवारिक संबंधों में दूरियां पैदा हो सकती हैं।
- गोपनीयता की समस्या : मोबाइल पर डेटा की गोपनीयता की समस्या हो सकती है।
- व्यसन : मोबाइल का ज़्यादा इस्तेमाल करने से व्यसन हो सकता है।
महामृत्युंजय मन्त्र, इसकी उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ , पूर्ण सुनना आवश्यक है: https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA
वयस्कों के लिए, दिन में 3 से 4 घंटे फ़ोन का इस्तेमाल करना सही माना जाता है, इससे ज्यादा प्रयोग मानसिक परेशानी का सबब बन सकता है। बच्चों के लिये मोबाईल का प्रयोग सिर्फ दो घंटे ही पर्याप्त है।



