गुड़ में पत्थर का पाउडर मिलाकर बनाया जा रहा था गुड़, खाद्य विभाग ने पकड़ी फैक्ट्री, सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़।

रायपुर/कवर्धा : खान-पान की हर चीज में मिलावट सामने आ रही है, पनीर, दूध, मसाले, तेल या घी में मिलावट का खेल पुराना है। इस तरह के मामले लगातार सामने आते रहते हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ में पहली बार गुड़ में पत्थर का चूरा (पावडर) मिलाने का गोरखधंधा सामने आया है, जिसने आम उपभोक्ता के लिये भय पैदा कर दिया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने कवर्धा के जंगलपुर से 23 क्विंटल मिलावटी गुड़ तथा 310 क्विंटल पत्थर का पावडर बरामद किया गया है। मिलावट का यह खेल गुड़ का वजन और शीरा बढ़ाने के लिए किया जाता था। बरामद किए गए गुड़ और 620 बोरी में भरे स्टोन पावडर की कीमत 28 लाख 37 हजार रुपए आंकी गई है। फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट (खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग) ने एक बड़ी कार्यवाही की है। इस विभाग ने इस निजी गुड़ फैक्ट्री में छापा मारा है। इस फैक्ट्री में गुड़ बनाने के लिए पत्थर के चूरे का उपयोग हो रहा था। इसे जांच के लिए सैंपल लेकर लैब भेजा गया है। यह गुड़ देश के विभिन्न राज्य में सप्लाई होना था। यह कार्यवाही शुक्रवार देर रात को हुई है।

मां दुर्गा गुड़ उद्योग हलधर चंद्रवंशी की है जो काफी समय से निजी लाभ के लिए लोगों के किडनी को डैमेज करने वाला गुड़ तैयार कर बाजार में खपाता था। जिसका संदेह खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को था। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को सूचना मिली थी गुड़ में मिलावट किया जा रहा है इस आधार पर उनके द्वारा इससे संबंधित उद्योग पर नजर रखा जा रहा था। राज्य में छोटे-बड़े करीब छह सौ गुड़ उद्योग हैं जिसमें से चार सौ का संचालन कबीरधाम जिले में किया जाता है। सूचना के आधार पर विभागीय टीम ने मां दुर्गा गुड़ उद्योग जंगलपुर तहकुंडा में छापेमारी की। वहां गुड़ बनाने काम काम चल रहा था और मिलावट का खेल भी जारी था।

यहाँ जांच टीम को फैक्ट्री में 620 बोरियों में भरा सफेद पावडर मिला जो मार्बल के कटिंग के दौरान एकत्रित किया जाता है। इसके अलावा फैक्ट्री में पीपे में भरकर रखे 2300 किलो गुड़ भी मिला है जिसे जब्त किया गया है और जांच के लिए सैंपल लिया गया है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश में गुड़ में मिलावट का यह मामला है। गुड़ का वजन बढ़ाने और शीरा के साथ चमक बढ़ाने के लिए उसमें सफेद पावडर मिलाया जाता था जिसे उत्तरप्रदेश से मंगाया जाता था, यह आम लोगों की सेहत के लिये काफी हानिकारक है।

किडनी को करता है प्रभावित :

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डीके अस्पताल के उपअधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा बताया कि, स्टोन पावडर सीधे-सीधे किडनी को प्रभावित करता है। खाद्य पदार्थ के लगातार सेवन के दौरान यह जाकर किडनी में जम जाता है जिससे उसकी क्षमता प्रभावित होती है। इसके अलावा इसका उपयोग अन्य तरह की बीमारियों का कारण भी बन जाता है। इसे निकालना बहुत ही मुश्किल होता है।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन सहायक आयुक्त नितेश मिश्रा  ने बताया कि,  खाद्य पदार्थ में मिलावट को रोकने सख्ती बरती जा रही है। पहली बार गुड़ में स्टोन पावडर मिलाने का मामला सामने आया है। विभागीय टीम ने कार्यवाही के बाद स्टोन पावडर और मिलावटी गुड़ जब्त किया है। जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी।