रायपुर : भले ही बेहतर ईलाज की चाह में मरीज एम्स जाते हों लेकिन, लेकिन एम्स की साख में लगातार गिरावट बाई हुई है, यहाँ मरीजों को ईलाज के नाम पर अन्य अस्पतालों में भेज देने की ख़बरें कई बार सामने आई है, वहीँ ईलाज करवाने के नाम पर मरीज को काफी मशक्कत करनी पड़ती है, वहीँ पत्रकारों को यहाँ घुसने भी नहीं दिया जाता है, अब फिर एम्स के ऊपर नया दाग लगा है, रायपुर एम्स के पीएमआर विभाग में जांच कराने आई एक महिला ने एक डॉक्टर पर बैड टच करने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स प्रशासन ने कमेटी भी बना दी है। अभी जांच चल रही है। डॉक्टर व महिला का बयान लिया जा रहा है। इसके बाद कमेटी रिपोर्ट बनायेगी। रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही की जा सकती है।
महिला ने डॉक्टर के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट की शिकायत एम्स प्रशासन से की थी। इसके बाद इंटरनल कमेटी मामले की जांच कर रही है। महिला ने शिकायत में कहा है कि वे आर्थराइटिस से पीड़ित हैं। इसके लिए वे तीन साल पहले से एम्स के पीएमआर विभाग में इलाज कराने आ रही हैं। वहां उनका इलाज एक एसोसिएट प्रोफेसर ने किया है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने गलत तरीके से उनके सीने पर हाथ लगाया। उन्होंने इसका विरोध भी किया। इसके बाद वे डॉक्टर के पास इलाज के लिए जाना बंद कर दिया है। इसके बाद ईलाज करवाने के लिये महिला के लिए मुसीबत भी खड़ी हो गई है।
महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने निजी बात की और इस मामले में कमेंट भी करने लगे। मामले की शिकायत उन्होंने एम्स में दिसंबर में कर दी थी, लेकिन डॉक्टर के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है। महिला का कहना है कि एस जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में एक डॉक्टर के ऐसे व्यवहार से एम्स की छवि खराब हो रही है। प्रबंधन को ऐसे डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए। महिला ने इस मामले की शिकायत पुलिस से क्यूँ नहीं की, इसकी वजह सामने नहीं आ पाई है।
डॉक्टर ने कहा – महिला के आरोप झूठे
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पत्रकार ने जब डॉक्टर से बातचीत की और उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने महिला के आरोप को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है। इस केस के बारे में एस के पीआरओ ही बात कर सकते हैं। वे इसके लिए अधिकृत भी नहीं है। डॉक्टर ने इस आरोप को सीधेतौर पर झूठा बताया है।
इस मामले में आमानाका थाना प्रभारी सुनील दास का कहना है कि, फिलहाल थाने में ऐसी कोई भी शिकायत नहीं पहुंची है। पुलिस के संज्ञान में कोई ऐसा कोई मामला आता है, तो उसमें तत्काल जांच कर एक्शन लिया जायेगा।
पीएमआर विभाग के एक डॉक्टर के खिलाफ महिला मरीज की शिकायत के बाद कमेटी बनाई गई है। कमेटी मामले की जांच कर रही है। जांच अभी पूरी नहीं हुई है। – डॉ. मृत्युंजय राठौर



