गणतंत्र दिवस पर विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री साय ने फहराया तिरंगा, इस अवसर पर कहा….।

अंबिकापुर : 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागू हुआ था और इसी वजह से हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। वहीँ आज छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस पर उत्सव का माहौल है। हर तरफ हमारा तिरंगा लहराया गया है। 76वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा संभाग के जिला मुख्यालय अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। संयुक्त परेड की सलामी ली है। मुख्यमंत्री ने आम जनता के नाम संदेश का उद्बोधन भी किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। 

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आज का दिन हम सबके लिए अत्यंत गौरवशाली है। आज हम देश के गणतंत्र का उत्सव मना रहे हैं। इसके पीछे उन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का बलिदान है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलाई, उन संविधान निर्माताओं का योगदान है, जिन्होंने इस संविधान के माध्यम से भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया है। उन विभूतियों का योगदान है, जो संविधान की रक्षा के लिए हमेशा डटे रहे। संविधान के मूल्यों पर चलकर अंत्योदय का कल्याण करते रहे। नक्सलवाद से लड़ते हुए देश की एकता और अखण्डता के लिए अनेक जवानों ने अपना सर्वाेच्च बलिदान दिया, ताकि हम सुरक्षित रह सकें और समाज में शांति स्थापित हो सके। इन जवानों की शहादत को मैं शत्-शत् नमन करता हूं। यह देश के लिये गौरवशाली क्षण है।  

उन्होंने कहा कि भारत की आजादी की यात्रा के साथ ही दुनिया के अनेक देशों ने भी अपनी स्वतंत्रता की यात्रा प्रारंभ की है, लेकिन इनमें से कई देशों में शासन व्यवस्था पटरी से उतर गई और वहां की जनता आज अराजकता का सामना करने मजबूर है। गणतांत्रिक परंपराओं की अपनी ऐतिहासिक जड़ों और अपने श्रेष्ठ संविधान के बूते लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में भारत अविचल खड़ा ही नहीं है बल्कि निरंतर तरक्की के नये शिखरों को छू रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी फहराया तिरंगा :

महामृत्युंजय मन्त्र  उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ :  https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA

वहीँ दूसरी तरफ जिला मुख्यालय दुर्ग मुख्य समारोह स्थल प्रथम बटालियन भिलाई में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि विधान सभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के परिजन, लोकतंत्र सेनानी, जिला एव पुलिस प्रशासन के अधिकारी, नगर के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।