सोना और चांदी में हुई बड़ी गिरावट, एमसीएक्स पर भाव अब हुआ इतना….।

नई दिल्ली : सोना चांदी पर निवेशक टकटकी लगाये रहते है, अब ऐसे में निवेश करने वालों के लिये बड़ी खबर सामने आई है, सोने और चांदी की 5 फरवरी 2025 के लिए वायदा कीमत में सोमवार को गिरावट दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर 5 फरवरी 2025 के अनुबंध के लिए सोने की कीमत में आज 0.23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर प्रति 10 ग्राम सोने का भाव घटकर 79,843 रुपये दर्ज किया गया। इसी तरह, 5 फरवरी 2025 के अनुबंध के लिए चांदी की वायदा कीमत में 1.04 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। कीमती पीली धातु में मुनाफावसूली देखी गई है क्योंकि अमेरिकी डॉलर की दरें पांच सप्ताह के निचले स्तर से वापस आ गईं है। ट्रम्प की सरकार आने के बाद ऐसा रिकवर हुआ है।

सुबह के सत्र में आज सोना :

जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह शुक्रवार को 80,312 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर पहुंच गया था। इससे पहले आज सुबह के शुरुआती सत्र में, एमसीएक्स सोने की दर 79,859 रुपये पर खुली और ओपनिंग बेल के कुछ ही मिनटों के भीतर 79,765 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे निचले स्तर को छू गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, हाजिर सोने की कीमतें 2,761 डॉलर प्रति औंस हैं, जबकि COMEX सोने की कीमत लगभग 2,794 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस है।

जानकारों के मुताबिक, आज सोने की दर के लिए समग्र दृष्टिकोण पॉजिटिव है। लाइवमिंट के मुताबिक, हालांकि, बढ़ते टैरिफ युद्ध और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के आसपास अनिश्चितताओं के चलते अमेरिकी आर्थिक अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं। ये ट्रिगर निकट भविष्य में सोने को निवेशकों के लिए एक आश्रय स्थल के तौर पर बनाए रखने के लिए पर्याप्त हैं। ऐसे में कुछ दिन तक चांदी में गिरावट की उम्मीद है और सोने में बढ़ोत्तरी की उम्मीद जताई गई है।

एशियाई सत्र के दौरान चांदी आज :

महामृत्युंजय मन्त्र  उत्पत्ति की कथा और महत्व के साथ :  https://www.youtube.com/watch?v=L0RW9wbV1fA

अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में चांदी की कीमत ने अपनी बढ़त फिर से ले ली है। fxstreet के मुताबिक, सोमवार को एशियाई सत्र के दौरान यह 30.30 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास कारोबार कर रही थी। इस सप्ताह आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) नीति निर्णय के चलते गैर-ब्याज वाली धातु को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापक रूप से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि फेड मौजूदा ब्याज दरों को बनाए रखेगा, जो सितंबर में शुरू हुए दर-कटौती चक्र में पहला विराम है। इस तरह सोने चांदी के निवेशकों के लिये यह बेहतर समय है।