रिश्तों पर कलंक लगाती कहानी, चचेरे भाई के साथ लिव इन रिलेशनशिप, हुआ खौफनाक अंत।

नई दिल्ली : वर्तमान पीढ़ी आधुनिकता की आड़ में लगातार रिश्तों को कलंकित करती जा रही है, जहाँ बिना शादी के लड़का-लड़की साथ के साथ रहने को यह समाज एक घिनौने नाम से पुकारता है, वहां युवा पीढ़ी इससे कोई सरोकार नहीं रखती है। जिसका परिणाम भयानक भी हो सकता है। ऐसे ही दिल्ली पुलिस ने एक खौफनाक प्रेम कहानी और हत्या का मामला सुलझा लिया है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि चचेरे भाई के साथ लिव इन में रह रही युवती की गला दबाकर हत्या कर दी गई फिर उसकी लाश को ठिकाने लगाने के लिए उसे सूटकेस में बंद कर जला दिया गया। गाजीपुर की इस खौफनाक घटना को अंजाम देने वाला शख्स कोई और नहीं बल्कि मृतक युवती का ही चचेरा भाई निकला। उसका नाम अमित तिवारी बताया गया है और मृतक युवती का नाम शिल्पा पांडे है। पुलिस ने इस मर्डर मामले में आरोपी अमित तिवारी और उसके दोस्त अनुज को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पूर्वी दिल्ली डीसीपी अभिषेक धनिया ने जो खुलासे किए हैं उसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। 

चेचेरे भाई के साथ लिव-इन में रहती थी शिल्पा :

डीसीपी ने बताया कि जिस युवती की मौत हुई है, उसका नाम शिल्पा पांडे है और उसकी उम्र महज 22 साल की थी।वह अपने पांडे चचेरे भाई अमित तिवारी के साथ पिछले एक साल से लिव इन रिलेशन में थी और उसके बाद शिल्पा अमित पर शादी करने के लिए दबाव बना रही थी। सबसे बड़ी बात ये है कि साथ में रहने वाला अमित शिल्पा से किसी तरह से छुटकारा पाना चाह रहा था। दोनों के बीच इसी बात को लेकर 25 जनवरी को झगड़ा हुआ था, उस वक्त अमित काफी नशे में था। उसने गुस्से में शिल्पा का गला घोंट दिया और फिर लाश को ठिकाने लगाने की तरकीब सोचने लगा। उसने अपने दोस्त पेशे से कैब ड्राइवर अनुज को फोन किया। अनुज वहां गाड़ी लेकर पहुँच गया।

26 जनवरी को कर दिया काम तमाम :

अमित को कुछ सूझ नहीं रहा था कि वह क्या करे, वह शिल्पा के शव को पश्चिमी यूपी के किसी इलाके में ठिकाने लगाना चाहता था। अमित अपनी ह्युंडई वर्ना कार से अनुज के साथ जगह की रेकी करने निकला जहां उसे शव दफनाना था। दोनों की पुलिस ने दो जगहों पर चेकिंग भी की क्योंकि 26 जनवरी की वजह से हाई अलर्ट था। इसके बाद अमित ने आसपास ही शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया और उसने गाजीपुर से एक पेट्रोल पंप से 160 रुपए का डीजल लिया।

पुलिस ने बताई ये बात :

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शिल्पा के शव को उसने सूटकेस में पैक किया और गाजीपुर में सुनसान जगह पर सूटकेस फेंककर 26 जनवरी की सुबह करीब 1:45 बजे उसमें आग लगा दी। इस पूरी वारदात को अंजाम देने के बाद अमित ने अनुज को छोड़ा और खुद ग्रेटर नोएडा चला गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने इसे वहीं से गिरफ्तार किया है। अमित तिवारी अपने घर प्रयागराज भागने की फिराक में था। हमें हत्या की जानकारी सुबह 4:10 बजे मिली, जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, डेड बॉडी सूटकेस में पूरी तरह से जल चुकी थी। उसमें कुछ नहीं बचा था। इस मामले में गाजीपुर थाने में हत्या और सबूत मिटाने का केस दर्ज किया गया और जांच के लिए कई टीम बनाई गई। अमित ने बयान में कहा है कि शिल्पा अमित पर अपने परिवार छोड़ने का दबाव डाल रही थी, ताकि दोनों हमेशा साथ रह सके। उसने यह धमकी भी दी थी कि वह अमित और उसके परिवार को झूठे केस में फंसा देगी।

CCTV फुटेज में कार दिखी, उससे आरोपी तक पहुंची पुलिस :

ईस्ट दिल्ली के DSP अभिषेक धानिया ने बताया कि हमारे पास इस मामले में कोई सुराग नहीं था। हमने क्षेत्र के कई CCTV फुटेज देखना शुरू किया। CCTV में उन्हें एक ह्युंडई वर्ना गाड़ी दिखी, जो बॉडी मिलने के कुछ घंटे पहले ही उस क्षेत्र से गुजरी थी। पुलिस ने कार का रेजिस्ट्रेशन नंबर ढूंढकर उसके मालिक से पूछताछ की। उस व्यक्ति ने बताया कि यह कार उसने अमित तिवारी नाम के शख्स को बेची थी। पुलिस ने 22 साल के अमित तिवारी को ढूंढा और उसे कस्टडी में लिया। वह गाजियाबाद में रहता था और कैब ड्राइवर के तौर पर काम कर रहा था। उसका दोस्त अनुज कुमार भी CCTV फुटेज में नजर आया था, इसलिए पुलिस ने उसे भी कस्टडी में लिया। अनुज वेल्डिंग मेकैनिक के तौर पर काम करता था और गाजियाबाद में ही रहता था।