250 बागियों को भाजपा ने दिखाया बाहर का रास्ता, अन्य कई पर भी हो सकती है कार्यवाही।

राजनांदगांव : नगरीय निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच भाजपा ने प्रदेशभर में बगावत कर चुनावी मैदान में उतरे कार्यकर्ता-नेताओं के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। पार्टी  के ऐसे कार्यकर्ता जो निर्दलीय रूप से अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं, उनको निलंबित किया जा रहा है। अब तक ढाई सौ कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया है। इससे ज्यादा कार्यकर्ताओं पर अभी भी निलंबन की तलवार लटकी हुई है। कई जिलों में निलंबन को लेकर सूची जारी की जा चुकी है। अन्य बागियों पर भी बड़ी गाज गिरने की संभावना है। चुनाव के बाद बड़ी कार्यवाही की जानकारी सामने आ रही है।

प्रदेशभर में नगरीय निकाय चुनाव जारी है। भाजपा ने सभी पदों के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है, परन्तु टिकट नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता भी चुनावी मैदान में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उतर गए हैं। ऐसे कार्यकर्ताओं की वजह से कई जगह पार्टी का समीकरण भी बिगड़ता नजर आ रहा है। ऐसे में बागियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते प्रदेश संगठन ने निलंबन के आदेश जारी करना शुरू कर दिया है। भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब छह सौ कार्यकर्ताओं को निलंबित किया जाएगा। इनमें पहले चरण में ढाई सौ कार्यकर्ताओं को निलंबित करने की सूची तैयार की जा चुकी है। वहीं इतने ही कार्यकर्ताओं पर निलंबन की तलवार लटक रही है। कई कार्यकर्ता इसकी जद में आयेंगे।

खिलाफ में काम करना पड़ेगा भारी :

पार्टी ने यह भी साफ कर दिया  है कि निलंबन की कार्रवाई केवल बागी होकर चुनाव लड़ रहे कार्यकर्ताओं के खिलाफ ही नहीं की जाएगी, बल्कि यदि कोई कार्यकर्ता पार्टी के खिलाफ काम करता है तो उसके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि चुनावी माहौल में पार्टी के खिलाफ काम करना पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है। प्रदेश संगठन ने सभी जिलों में इसकी मॉनिटरिंग का जिम्मा भी नेताओं को दिया गया है। कई ऐसे ही कार्यकर्ता इसकी कार्यवाही की जद में आयेंगे।

कुछ जिलों में सूची जारी :

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पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,  प्रदेश के सभी जिलों में बगावत करने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। इनमें कुछ जिलों में निलंबन की सूची भी जारी हो रही है। जिसमें दुर्ग, गरियाबंद और धमतरी जिले शामिल हैं। दुर्ग जिले में 45, बालोद जिले में 23, बलरामपुर में 9, जांजगीर-चांपा जिले में 22, गरियाबंद जिले के 26 और धमतरी जिले में भी 12 को निलंबित कर दिया गया है। महासमुंद में 29, कांकेर में 14 नेताओं को निलंबित किया जा चुका है। रायपुर नगर निगम में 20 नेताओं और राजनांदगांव जिले में नगर निगम सहित निकायो में बागी होकर चुनाव लड़ रहे 40 नेताओं को निलंबित करने की तैयारी है। कईयों को निलम्बित भी कर दिया गया है।

छह साल के लिए किया जा रहा निलंबित :

भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा ने बताया कि , पार्टी के चुनाव चिन्ह के खिलाफ चुनाव लड़ना अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। यही कारण है कि नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ जो भी कार्यकर्ता निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रहा है, उसे छह साल के लिए निलंबित किया जा रहा है। छह साल के निलंबन का मतलैब है की आने वाले दस साल उस कार्यकर्ता के ख़राब हो जायेंगे, जिससे वह पार्टी की गतिविधियों से दूर रहेगा।

कबीरधाम से 19 निष्कासित :

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इधर, कबीरधाम भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र चंद्रवंशी ने की बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने निकाय चुनाव के पहले 19 बागी नेताओं को भाजपा ने निष्कासित किया है।

बिलासपुर में भी हुये निष्कासित :

बिलासपुर में पिछले दिनों भाजपा ने पार्टी के 27 बागी प्रत्याशियों को 6 साल के लिए निष्कासित किया था तो कांग्रेस ने दो बार में 21 लोगों को निकाल दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश कांग्रेस सचिव त्रिलोक श्रीवास को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीँ राजधानी में भी कईयों पर गाज गिरने की उम्मीद है।