रायपुर : सुरक्षा की दृष्टि से आम यात्री एसी कोच की महंगी टिकट लेता है, ऐसे में मामला सामने आया है कि शिवनाथ एक्सप्रेस के एसी कोच-टू में एक महिला के 65 लाख रुपए लगभग के गहने व नकदी रूपये चोरी हो गये है। चोरी गए गहनों में डायमंड की अंगूठी भी शामिल हैं। महिला अपने पति के साथ गोंदिया से रायपुर तक ट्रेन से आ रही थीं। गोदिंया से राजनांदगांव के बीच गहने चोरी होने की आशंका है। इस चोरी यात्री काफी मुसीबत में पड़ गये। दरअसल, महिला ट्रेन में बैठते ही सो गई थी। और जब राजनांदगांव में नींद खुली तो देखा कि उनके काले रंग का पर्स खुला हुआ था और नकदी व गहने गायब थे। इसमें दो डायमंड सेट, 4 अंगूठी व 45 हजार नगद रुपए भी थे। वहीँ घटना के बाद दुर्ग से ट्रेन रवाना हो गई तो मामला रायपुर स्टेशन में दर्ज कराया गया।
इस मामले में जानकारी सामने आई है कि दिनेश भाई पटेल अपनी पत्नी हिना के साथ रायपुर से दिल्ली फ्लाइट से जाने वाले थे। इसलिए वे गोंदिया से रायपुर ट्रेन से आ रहे थे। इसी बीच उनके सामानों की चोरी हो गई। आरपीएफ की टीम दुर्ग व गोंदिया में सीसीटीवी खंगाल रही है।
लापरवाही व मिलीभगत और अव्यवस्था :
सुरक्षा की दृष्टि से यात्री ने 2 एसी की बुकिंग करवाई थी, वहीँ अब बड़ा सवाल है कि एसी कोच में एक अटेंडर भी होते हैं। आशंका है कि कहीं अटेंडर की मिलीभगत से चोरी को अंजाम तो नहीं दिया गया है। ट्रेनों में जितनी भी चोरियां होती हैं, वह एसी कोच में ही होती है, जबकि जनरल कोच में ऐसे मामले बहुत कम होते है। ऐसे में रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर इसलिए भी प्रश्न चिह्न लगता है कि कई ट्रेनों में आरपीएफ की टीम दिखाई ही नहीं देती है। वहीँ टीटीई भी लेन-देन की लालच में अनारक्षित सवारी को एसी कोच में बैठने की मूक सहमति दे देते हैं।
कोच अटेंडर भी कमाई की लालच में रास्ते के स्टेशनों पर अनारक्षित सवारी को अपने साथ बाथरूम में उनके बैठने की जगह पर बैठा लेते हैं, एसी कोच में भी अवांछित लोग बैठ जाते हो। इन दिनों रेलवे के एसी कोच जनरल के डिब्बे बनकर रह गए हैं। जिसमें कभी भी कोई भी बिना रिजर्वेशन चले आता है। ऐसे में वे परिवार परेशान होते हैं, जिन्होंने नियमानुसार पहले से रिजर्वेशन करवाए हैं। ऐसे में पहले से टिकट लिये यात्रियों को आवश्यक सुविधा नहीं मिल पाती है।



