नर्सिंग कॉलेज में धर्मान्तरण के दबाव पर बवाल, बजरंग दल ने कहा मान्यता रद्द हो, पीड़ित छात्रा से मिलने पहुंचे विजय आदित्य सिंह जूदेव।

जशपुरनगर : जबरन धर्मान्तरण के दबाव के कारण पीड़ित छात्रा मायूस हो गई है, जिससे उसको काफी मानसिक परेशानी उठानी पड़ी है, वहीँ अब जशपुर जिले के कुनकुरी में संचालित हॉलीक्रास नर्सिंग कॉलेज, की छात्रा पर धर्मान्तरण इस मामले के लिए दबाव डाले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बजरंग दल के जिलाध्यक्ष विजय आदित्य सिंह जूदेव ने इस मामले में तत्काल विवादित नर्सिंग कालेज की मान्यता रद्द कर, उसपर ताला लगाने की मांग की है। मांग पूरी ना होने पर हजारों समर्थकों के साथ सड़क पर उतरने की चेतावनी भी दी है। वहीँ अब इस मामले ने बड़ा बवाल ले लिया है।

यह विवाद सामने आने के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव शुक्रवार को कुनकुरी के बेहराटोली निवासी पीड़ित छात्रा अमीषा बाई से मिलने पहुंचे थे। यहां पीड़िता ने उन्हें बताया कि, हिंदू धर्म को मानने वाली छात्रा है और नर्सिंग कोर्स के अंतिम वर्ष में है। उसने आरोप लगाया है कि कॉलेज की प्राचार्य विंसी जोसेफ ने कई बार धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया और नन बनने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन दिए। जब उसने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया तो प्राचार्य ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। पीड़ित छात्रा का आरोप है कि, नर्सिंग कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद से ही प्राचार्य सिस्टर जोसेफ उस पर नन बनने का दबाव डाल रही थी। शुरूआत में नन बनने पर विदेशों में नौकरी लगाने और मोटा वेतन का सब्जबाग दिखाया गया। लेकिन जब उसने अपने धर्म और परिवार को ना छोड़ने की बात कही तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। एक साल पहले उसे छात्रावास से भी निष्कासित कर दिया गया। फिर उस पर जबरन अनुपस्थिति और अनुशासनहीनता का आरोप लगाया जाने लगा। इस तरह पीड़ित छात्रा ने यह बातें बताई है।

पीड़िता की बड़ी बहन को भी किया गया प्रताड़ित :

पीड़िता के पिता मुन्नाराम सहित उनके परिजनों का कहना है कि, उनकी बेटी किसी भी स्थिति में सनातन धर्म नहीं छोड़ेगी। उन्होनें बताया कि अगर अमिषा अविवाहित रहने का निर्णय भी करती है तो वह किसी सनातनी संस्था से जुड़कर मानवता की सेवा करेगी। अमिषा ने भी कहा कि, किसी भी स्थिति में ना तो सनातन धर्म को छोड़ेगी और ना ही परिवार को। अमिषा ने कहा कि उसकी पढ़ाई के लिए उसकी मां और भाइयों ने दिन-रात मेहनत की है। इसलिए वह परिवार का साथ किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ेगी। इसे में पीड़िता अमिषा ने बताया कि, उसकी बड़ी बहन दुर्गेश्वरी बाई भी एक साल पहले इसी कालेज से नर्सिंग पास हुई है। लेकिन 15 हजार फीस बकाया बताकर प्राचार्य ने उसे पंजीयन प्रमाण पत्र नहीं दिया है। वहीँ अब दुर्गेश्वरी इन दिनों रायपुर के एक नीजी नर्सिंग होम में नौकरी कर रही है। लेकिन पंजीयन प्रमाण पत्र ना होने से उसे कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पीड़िता का आरोप है कि, दुर्गेश्वरी की पढ़ाई पूरी होने के बाद नर्सिंग कालेज ने लगभग 6 माह तक अस्पताल में दुर्गेश्वरी से नौकरी कराया गया, लेकिन वेतन के नाम पर एक रूपया भी नहीं दिया गया। अब 15 हजार रूपये फीस बकाया बताकर पंजीयन प्रमाण पत्र देने में आनाकानी कर रहे हैं। वहीँ परिवार उक्त दोनों मामलों से काफी परेशान और प्रताड़ित है।

तत्काल लटकाएं ताला, नहीं तो होगा आंदोलन :

पीड़िता से चर्चा के बाद विजय आदित्य सिंह जूदेव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होनें विवादित संस्था की तत्काल मान्यता रद्द कर संस्था के गेट पर ताला लटकाने की मांग की है। मांग पूरी ना होने हजारो समर्थकों के साथ सड़क में उतरने की चेतावनी भी दी है। उन्होनें मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि धर्मांतरण कराने वाले मिशनरी संस्थाओं को अब सबक सिखाने का समय आ गया है। अमीषा जैसी छात्राओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना, धर्म बदलने के लिए मजबूर करना और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना निंदनीय है। हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रशासन को तुरंत इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा हम बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ा आंदोलन करेंगे। विजय आदित्य सिंह जूदेव ने अमीषा की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि वह उन सभी छात्राओं के लिए प्रेरणा है, जो इस प्रकार के जबरन धर्मांतरण की घटनाओं का शिकार हो रही हैं। वहीँ आपको बता दें की राज्य में धर्मान्तरण का जाल हर तरफ फैला हुआ है।