रामनवमी की शोभायात्रा में मुस्लिम समुदाय ने भी बढ़ – चढ़कर लिया हिस्सा, देखें विडियो।

बलौदा बाजार : वैसे तो देश में सांप्रदायिक दंगों के माहौल आमतौर हमेशा सामने आते ही है, और सुर्खियाँ भी नफरत फ़ैलाने वाले लोगों को ज्यादा मिलती है, हालाँकि कभी शांत मन से सोचा जाये तो ऐसे कृत्य करने वाले चंद लोग ही होते है, जो सामुदायिक स्तर पर विवाद करते और करवाते है, क्यूंकि उनकी रोजी-रोटी का जरिया भी वही होता है। आम आदमी दिनभर सिर्फ अपने काम-धंधे में लगा रहता है,उसे अपने परिवार और व्यापार से ह मतलब होता है, वो दिनभर किसी से हिन्दू-मुस्लिम के बारे में बात ही नहीं करता है। वहीँ ऐसे में मुस्लिम समुदाय भी लगातार साम्प्रदायिक सौहार्द्र सुधारने में लगा हुआ है, जिसको लेकर बलौदाबाजार जिले के पलारी नगर पंचायत में रामनवमी के दिन हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य शोभायात्रा निकाली गई है।

इस शोभायात्रा मेें हिन्दू-मुस्लिम एकता की अद्भुत मिसाल देखने को मिली है, यहाँ दोनों समुदायों के बीच कोई परेशानी नहीं थी बल्कि कई श्रीराम के नारे भी बिना किसी परेशानी के लगाये। वहीँ ईस शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का पलारी यंग मुस्लिम कमेटी के युवाओं स्वागत किया है। जमात के सेक्रेटरी शेरखान रज्जू के नेतृत्व में उनके निवास के सामने स्वागत स्टॉल लगाया गया था, जहां श्रद्धालुओं के लिए बोतलबंद पानी और कोल्ड ड्रिंक की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने के इस प्रयास की सभी ने सराहना की। 

मुस्लिम समाज के लोगों ने भाईचारे का दिया संदेश :

रामनवमी की शोभायात्रा जब मजार चौक के समीप पहुंची, तब मुस्लिम युवाओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। वहीँ इसके लिए बाहर से गेंदे के बेहतर फूल भी मंगवाये गए थे। इसी तरह, जवारा विसर्जन और राम जन्मोत्सव की शोभायात्रा में भी मुस्लिम समाज ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई और भाईचारे का परिचय दिया है। इस शोभायात्रा में राम दरबार, माता जानकी, लक्ष्मण, हनुमान और रामभक्तों पर पुष्पवर्षा कर मुस्लिम युवाओं ने सौहार्दपूर्ण माहौल को और मजबूत किया गया।

मिल-जुलकर मनाते है सभी पर्वों को :

इस सम्बन्ध में कमेटी संयोजक शेरखान रज्जू ने कहा कि, हम सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। हमारे लिए धर्म या जाति से ऊपर इंसानियत और भाईचारा है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसी ही एकता और सहभागिता के साथ सभी सामाजिक व धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। वहीँ उनके इस कथन से स्पष्ट है कि आम हिन्दुओं और मुसलमानों में कोई विरोध नहीं है।