तुम हिंदू हो और पति मुस्लिम, अकबर से शादी करने वाली सोनिका का छल्का दर्द, मामले में मच चुका है बवाल।

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के की नौ साल पुरानी लव स्टोरी अब विवादों में है। छह सालों तक रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्होंने तीन साल पहले शादी कर ली। गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र का यह अंतरधार्मिक विवाह अचानक एक विवाद में आ गया है। मुस्लिम युवक अकबर खान (29) और हिंदू युवती सोनिका चौहान (25) ने 29 अगस्त 2022 को दिल्ली के जिला अधिकारी कार्यालय में विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की थी। अब इस शादी पर लड़की के पिता ने आपत्ति दर्ज करते हुए केस कर दिया है। यह मामला सामने आते ही पुलिस का एक्शन हुआ। यह पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया है। अकबर और सोनिका के दोस्तों का कहना है कि दोनों हमेशा साथ रहते थे। इस रिश्ते से किसी को कोई आश्चर्य नहीं हुआ था।

दरअसल, 24 मई 2025 को सोनिका के पिता लक्ष्मण सिंह चौहान ने अकबर पर अपहरण और गलत तरीके से कैद करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। गाजियाबाद पुलिस ने 25 मई को अकबर खान की दो बहनों, एक भाभी, एक पड़ोसी महिला और खुद अकबर को गिरफ्तार कर लिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अकबर और उसकी बहनें न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं, अन्य को एक सप्ताह बाद रिहा कर दिया गया था। मामले में अब तक सोनिका का कोर्ट में पेश नहीं किया गया है।

तुम हिंदू हो और पति मुस्लिम, पूरे परिवार की इज्जत…… :

‘हर दिन कोई ना कोई आता है और बस एक ही बात कहता है कि मैंने अपने परिवार की इज्जत मिट्टी में मिला दी। मुझे समझाने की कोशिश करते हैं कि मैं एक हिंदू हूं और जिसके साथ मैंने शादी की है, वो एक मुस्लिम। मेरी इस शादी से पूरे परिवार की बेइज्जती हो रही है। लेकिन, मैं बस उसी के साथ रहना चाहती हूं। पता नहीं ये सब कब खत्म होगा…।’ मायूसी भरे ये शब्द हैं 25 वर्षीय उस सोनिका चौहान के, जिनकी गैर धर्म में हुई शादी को लेकर दिल्ली से सटे यूपी के गाजियाबाद में हंगामा मचा हुआ है। दरअसल, सोनिका ने मुस्लिम युवक अकबर से शादी की है।

अकबर इंदिरापुरम के न्यायखंड क्षेत्र में एक जनसुविधा केंद्र चलाते हैं। पास में ही सोनिका का अपना सैलून है। हालांकि, सोनिका और अकबर अब एक दूसरे के साथ नहीं हैं। अकबर के ऊपर सोनिका के अपहरण और लव जिहाद का आरोप लगा है। इसी आरोप में अकबर 14 दिन की जेल भी काटकर आए हैं।

कैसे शुरू हुई अकबर और सोनिका की कहानी?

सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, अकबर और सोनिका पड़ोस में ही रहते हैं। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों बचपन से एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन करीब 9 साल पहले अकबर और सोनिका करीब आए और आपस में प्यार करने लगे। उस वक्त सोनिका केंद्रीय विद्यालय में पढ़ती थी और बस से स्कूल जाती थी। कुछ दिन बाद बस स्टॉप पर दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। अकबर बस स्टॉप पर खड़े होकर अक्सर उसे देखते थे और यहीं से दोनों के बीच इस रिश्ते की नींव पड़ गई। अगले पांच साल में दोनों ने स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली। सोनिका को पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी और उसने अपना सैलून खोलने की योजना बनाई। इसलिए, उसने ओपन स्कूल से ग्रेजुएशन किया और इसके बाद वीएलसीसी ट्रेनिंग प्रोग्राम जॉइन कर लिया।

सैलून के साथ पूरा हुआ सोनिका का सपना :

साल 2019 में सोनिका का कोर्स पूरा हुआ, लेकिन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ने उसे लर्निंग सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया। अकबर का एक भाई वकील है और इसलिए सोनिका ने उसकी मुलाकात अपने पिता से करवाई। सोनिका के अलावा कई और लड़कियां भी थीं, जिन्हें सर्टिफिकेट नहीं दिए गए। अकबर के भाई ने 140 लड़कियों की तरफ से शिकायत दर्ज कराई और आखिरकार सोनिका सहित इन सभी को सर्टिफिकेट मिल गए।

वहीँ इस घटना के बाद सोनिका के घर में अकबर का आना-जाना शुरू हो गया। समय बीता और थोड़ी-बहुत मुश्किलों के बाद, साल 2022 में सोनिका ने अपना सैलून भी खोल लिया। इस बारे में अकबर बताते हैं कि इस मोड़ पर उन्होंने उसकी काफी मदद की थी। शायद जी उसका कोई दोस्त भी ऐसा नहीं कर पाता। अकबर का कहना है कि सोनिका के मां-बाप को भी पता था कि वो दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं।

2022 में अकबर और सोनिका ने की शादी :

सैलून खुलना सोनिका के लिए एक सपने के पूरा होने जैसा था। इधर अकबर का जनसुविधा केंद्र चल रहा था और उधर सोनिका का सैलून। दोनों आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर थे और इसी मोड़ पर उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया। 29 अगस्त 2022 को दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली।

24 मई 2025 को अकबर अपनी दुकान पर थे और सोनिका अपने सैलून में। दोपहर करीब 1 बजे सोनिका की मां ने उसे घर बुलाया। इसके बाद दोपहर 1.28 बजे, सोनिका अपनी मां के साथ वापस लौटी और उससे मिलने आई। सोनिका ने कहा कि घर से सोने के गहने गायब हैं। अकबर ने कहा कि वो इस बारे में पता लगायेगा। शाम करीब 4 बजे सोनिका अपने सैलून में लौट आई और अकबर के दोस्त ने उसकी मां को घर छोड़ दिया।

शादी की खबर से भड़का सोनिका का परिवार :

कुछ वक्त बाद शाम को सोनिका की मां वापस लौटी और गुस्साते हुए दोनों से उनकी शादी के बारे में पूछने लगी। अकबर ने बताया कि उन दोनों ने उन्हें समझाने की कोशिश की और मोबाइल पर शादी के सर्टिफिकेट की कॉपी भी दिखाई। सोनिका के सैलून में काम करने वाली कल्पना ने बताया कि शाम करीब 6-7 बजे सोनिका की मां सैलून में आई और उससे इसे बंद करने के लिए कहा। उस समय सैलून में ग्राहक कम थे, लेकिन फिर भी सोनिका ने बंद करने से मना कर दिया। इस पर सोनिका की मां ने उसके ऊपर हाथ उठा दिया। कुछ ही देर में सोनिका के पिता भी वहां पहुंच गए। अकबर ने बताया कि जब सोनिका के पिता ने उससे उनकी शादी के बारे में पूछा, तो उसने सच बताने के लिए कहा। थोड़ी देर बाद अकबर और सोनिया गाड़ी से इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए। वहीँ इसके बाद काफी बवाल मचा।

सोनिका के पिता ने दर्ज कराई एफआईआर :

इधर दोनों ने कार में एक वीडियो शूट किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि दोनों शादीशुदा हैं। साथ ही उन्होंने अपने परिवारों से अनुरोध किया कि उन्हें नुकसान न पहुंचाया जाए। लेकिन, अगले कुछ ही पलों में पूरी कहानी बदल गई। अगली सुबह जब दोनों कानपुर पहुंचने वाले थे, तभी एक पुलिस अधिकारी ने अकबर को फोन किया और बताया कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, इसलिए दोनों तुरंत इंदिरापुरम थाने आकर आत्मसमर्पण करें।

अकबर और सोनिका को लगा कि पुलिस के पास पहुंचकर उन्हें सुरक्षा मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं था। सोनिका के पिता लक्ष्मण सिंह चौहान ने गाजियाबाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है और उसे अकबर नाम के एक शख्स ने गलत तरीके से कैद कर रखा है। 25 मई को अकबर और सोनिका ने इंदिरापुरम थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीँ युवती के परिजनों ने दावा था कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर फंसाया गया है।

दुकान में तोड़फोड़ और अकबर की गिरफ्तारी :

उसी दिन फिर बजरंग दल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, इंदिरापुरम युवा मोर्चा और उत्तराखंड समाज आधिकारिक से जुड़े लोगों ने अकबर की दुकान में तोड़फोड़ की। इन लोगों ने लव जिहाद के आरोप भी लगाए। 26 मई को अकबर को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी बहनों सहित कुछ और रिश्तेदारों को भी गिरफ्तार किया गया। 14 दिनों तक जेल में रहने के बाद 8 जून को अकबर को जमानत मिल गई। वहीँ इस मामले में युवती की मां ने भी वीडियो शेयर कर बताया है कि विरोध करने पर उन्हें भी डराया धमकाया गया है और उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। युवती की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में मदद की गुहार लगाई।

हालांकि युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताया कि उसने अपनी मर्जी से अकबर से शादी की है। उसने दावा किया कि उसके परिजन उसे और उसके पति को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और उनके द्वारा मारपीट भी की गई है।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक सोनिका को अदालत में पेश नहीं किया है, ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके। फिलहाल अकबर और सोनिका अलग-अलग हैं। सोनिका ने बताया, ‘लोग मुझसे बार-बार एक ही बात कहते हैं कि मैं हिंदू हूं और वह मुस्लिम। उसके साथ शादी करके मैंने अपने परिवार का अपमान किया है। लेकिन, मैं बस उसके साथ रहना चाहती हूं। पता नहीं यह सब कब खत्म होगा?’

हम दोनों में से किसी ने अपना धर्म नहीं छोड़ा :

अकबर का कहना है, ‘हमारी पर्सनल जिंदगी को एक राजनीतिक ड्रामा बनाकर रख दिया गया है। लोग इसे लव जिहाद बता रहे हैं, लेकिन क्या वे हमारी कहानी जानते हैं? क्या उन्हें एहसास है कि वह मेरी पत्नी है? हम शादीशुदा हैं, मैं कोई क्रिमिनल नहीं हूं। हम दोनों में से किसी ने भी अपना धर्म नहीं छोड़ा है और ये शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की गई है। मैं उसके धर्म का सम्मान करता था और हर उस मंदिर में जाता था, जहां वह जाना चाहती थी।’

अकबर ने आगे बताया, ‘हमने सोचा था कि एक बार जब हम शादी कर लेंगे, तो हमारे माता-पिता हम पर दबाव नहीं डाल पाएंगे और एक ना एक दिन इस रिश्ते को स्वीकार कर लेंगे। लेकिन, जो लोग हमारी शादी के गवाह थे, आज उन्हें धमकी दी जा रही है। समस्या पुलिस या सोनिका के माता-पिता नहीं हैं, बल्कि यह समाज है। मैं चाहता हूं कि सोनिका को कोर्ट में लाया जाए, उसे कहने दो कि वह क्या कहना चाहती है।’

वहीं, इस मामले पर ट्रांस-हिंडन के डीसीपी पाटिल निमिष दशरथ का कहना है कि वह सोनिका को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रहे हैं। जब वह तैयार हो जायेगी तो उसे पेश किया जायेगा।

अकबर की दुकान पर हमला :

करीब 60 लोगों के एक ग्रुप ने इस घटना के सामने आने के बाद अकबर की दुकान पर हमला किया। कथित तौर पर उसमें तोड़फोड़ की। पुलिस ने 27 मई को दंगा-फसाद से जुड़ी बीएनएस धाराओं के तहत 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। गाजियाबाद के डीसीपी (ट्रांस-हिंडन) दशरथ निमिश पाटिल का कहना है कि अकबर की दुकानों पर हमले से जुड़े मामले में 10 लोगों की पहचान की गई है, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। डीसीपी ने कहा कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।