नवरात्रि में दुर्गा पंडालों में मर्यादित तरीके से गरबा नृत्य हो, अश्लील गीत ना चलायें जायें, इस हेतु विहिप और बजरंग दल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

रायपुर : शक्ति के प्रतीक नवरात्रि की तैयारी देशभर में चल रही है। नवरात्र के दिनों में गरबा का आयोजन मंदिर और दुर्गा पंडालों में किया जाता है। कुछ जगहों पर गरबा के दौरान अश्लीलता देखने को मिलती है। फूहड़ गीतों पर नृत्य किया जाता है। इस पर रोक लगाने के लिए सोमवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने रायपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। प्रतिवर्ष हिंदूवादी संगठन अपना विरोध जताते है , लेकिन आयोजकों के ना मानने के कारण विवाद की अप्रिय स्थिति बन जाती है।

इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री बंटी कटरे ने बताया “गरबा नृत्य का आयोजन सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है। समाज में एकता और प्रेम के भाव का प्रसार करता है। जिससे शारीरिक व्यायाम एवं मानसिक शांति की भी अनुभूति होती है। शहर के मन्दिर और दुर्गा पंडालों में गरबा नृत्य का आयोजन किया जाता है। यह हिन्दुओं का धार्मिक आयोजन है। एक आदर्श गरबा नृत्य के आयोजन को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।”

वहीँ आयोजन सही तरीके से हो इसलिये विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मंदिर और दुर्गा पंडाल में आयोजित होने वाले गरबा आयोजन के संबंध में कुछ बिंदुओं का जिक्र किया है जिसमें_______

  • गरबा नृत्य का आयोजन किसी भी मंदिर परिसर या दुर्गा पंडालों में ही आयोजित हो, अन्यत्र स्थानों पर ना हो, गरबा नृत्य में देवी गीत ,धार्मिक गीत जसगीत को ही बजाए जाने की अनुमति हो। किसी भी प्रकार के फिल्मी या अश्लील गाना बजाना न हो इस पर विशेष ध्यान दिया जाये।
  • आयोजित होने वाले गरबा नृत्य में परंपरागत परिधान और वेशभूषा को ही मान्यता प्रदान दी जाए।
  • गरबा में हिन्दू समाज की माताएं बहनें बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती है। अतः उनकी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए आयोजन समिति को रात्रि में निर्धारित समय तक गरबा नृत्य आयोजन की अनुमति प्रदान की जाए, देर रात तक आयोजन ना हो।
  • गरबा नृत्य में आयोजन समिति द्वारा प्रवेश द्वार एवं अन्य व्यवस्था के लिए हिन्दू बाउंसर (बॉडीगार्ड) की ही नियुक्ति हो।पार्किंग की समुचित व्यवस्था हो। पार्किंग स्थल पर नियुक्त किये गए कर्मचारी भी हिन्दू समाज से ही सम्बंधित हो।
  • आयोजित गरबा नृत्य में सम्मिलित महिला पुरुष, लड़के लड़कियां गैर हिन्दू-समाज से नहीं होना चाहिए।
  • गरबा मैदान स्थल के आसपास किसी भी प्रकार की नशाखोरी और मांसाहार भोजन सामग्री का विक्रय ना हो।
  • ज्ञापन के आखिर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल रायपुर ने ये भी लिखा है कि आदर्श गरबा नृत्य बिंदुओं की अवहेलना किसी भी आयोजन समिति द्वारा की जाती है, तो विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल अपने आराध्य शक्ति माता और धार्मिक भावनाओं के सुरक्षा के लिए संगठन अपने स्तर पर समितियों एवं गैर-धार्मिक तत्वों पर दण्डात्मक कार्यवाही करने के लिए तैयार रहेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी, किसी भी अप्रिय स्थिति में बजरंग दल जिम्मेदार नहीं होगा।

नवरात्रि के दौरान शक्ति केन्द्रों, मंदिर और दुर्गा पंडालों में भक्तगण देवी मां को प्रसन्न करने भक्ति और शक्ति के प्रतीक गरबा नृत्य का आयोजन करते है। यह नृत्य भक्तों की आस्था और भक्ति को व्यक्त करने का एक माध्यम होने के साथ साथ सनातन धर्म के विभिन्न समाजों को एक साथ लाता है। यह देवी आस्था का पर्व है।