रायपुर : पांच साल से पुलिस कस्टडी से बच रहे नकली चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश भभूतमल जैन को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर आधार और पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से बैंक लोन लेने और लोगों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। आरोपी राकेश जैन कुछ लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर 5 बैंकों से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए लोन लेने और करोड़ों की ठगी करने के कई मामलों में वांछित आरोपी था।
पुलिस ने बताया है कि राकेश जैन दूसरों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर बैंक से लोन लेता था। इसके साथ ही शेयर मार्केट में 10 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर डॉक्टर, अधिकारी और कारोबारियों से करोड़ों रुपए की ठगी भी की है, यह कुल ठगी की रकम 50 करोड़ रुपए से अधिक की बताई जा रही है।
वहीँ जानकारी के अनुसार राकेश के खिलाफ रायपुर के कोतवाली, मौदहापारा और टिकरापारा थानों में चार FIR दर्ज हैं। वहीं रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव सहित कई जिलों में कुल 12 प्रकरण दर्ज हैं। ACB/EOW में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है, जिनमें वह वांछित आरोपी है। इसके साथ ही ठगी और आर्थिक अपराधों को देखते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
जिसको लेकर राकेश जैन बुधवार को अपना गिरफ्तारी वारंट रद्द कराने कोर्ट पहुंचा था। इसकी सूचना मिलते ही ACB/EOW की टीम मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया गया, अब टीम ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अब आगे की कार्यवाही में आरोपी को कोर्ट में पेश किये जाने की जानकारी मिली है, जहां पुलिस उसकी रिमांड लेने की तैयारी में है ताकि ठगी की पूरी रकम, नेटवर्क और अन्य शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।



