अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के अन्दर बने सरोवर में मुस्लिम युवक ने धोये हाथ और किया कुल्ला, अपमानजनक कृत्य को लेकर लोगों में आक्रोश।

अमृतसर (पंजाब) : पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के पवित्र सरोवर में एक मुस्लिम युवक ने हाथ धोए हैं और कुल्ला किया है,, युवक ने इसका विडियो भी बनाया है। इससे जुड़ा वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि इस पवित्र सरोवर में सिख श्रद्धालु स्नान करते हैं। इस मामले के सामने आने के बाद SGPC ने इस घटना पर ऐतराज जताया है। वहीं कई लोगों ने इस मामले में आक्रोश जताया है। वहीं गुरुद्वारा कमेटी ने इस पर ध्यान नहीं दिया, उसको लेकर भी सवाल उठ रहे है?

एसजीपीसी के सचिव ने क्या कहा?

एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मनन ने कहा कि बीते दिनों हुई घटना के संबंध में वह जांच कर रहे हैं। जो भी श्रद्धालु अन्य राज्यों से आते हैं या जो अन्य धर्म के हैं, उन्हें गुरु मर्यादा के बारे में जानकारी नहीं होती है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में अपनी कमेटी मेंबरों से बैठक भी कर रहे हैं, जिससे किसी को किसी प्रकार की मुश्किल का सामना न करना पड़े और जो भी तस्वीरें खींचना चाहते हैं, उनके संबंध में अभी अलग प्वाइंट पर तस्वीर खींचने के प्रबंध की चर्चा भी चल रही है। बैठक में जो तय होगा उसके अनुरूप कार्यवाही होगी।

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के सरोवर का क्या है महत्व?

अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर (श्री हरिमंदिर साहिब) का सरोवर बहुत गहरा आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसे अमृत सरोवर के नाम से भी जानते हैं। सिक्खों की ये मान्यता है कि इस सरोवर में स्नान करने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं और उनकी आत्मा शुद्ध होती है। इसे ईश्वर के शरीर का प्रतीक माना जाता है। सरोवर के बीचों-बीच स्वर्ण मंदिर स्थित है। कई लोग मानते हैं कि इस जल में चमत्कारी और उपचारात्मक शक्तियां होती हैं। श्रद्धालु सरोवर में स्नान करते हैं, फिर परिक्रमा करते हैं और अंत में हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) के दर्शन करते हैं। रात के समय सरोवर में स्वर्ण मंदिर की सुनहरी परछाई लोगों का मन मोह लेती है। अब देखना ये होगा कि सरोवर का ये विवाद कैसे शांत होता है। वहीँ इस अपमानजनक कृत्य से श्रद्धालुओं की आस्था को भी गहरी चोट पहुंची है।

इसके साथ ही आपको बता दें कि हाल ही मै मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी कमेटी द्वारा सजा दी गई थी, वो मामला अब तक नहीं सुलझा है, ऐसे में इस कृत्य को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिला है, वहीँ आपको बता दें कि एक वीडियो और सार्वजनिक बयानों में मुख्यमंत्री ने गोलक के प्रबंधन और उपयोग पर सवाल उठाए थे, जिसे अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने सिख मर्यादा का उल्लंघन और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला माना। जत्थेदार ने इसे “राजसत्ता का अहंकार” बताते हुए मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया था। वहीँ इस मामले में सचिवालय के भीतर बंद कमरे में हुई बातचीत में सीएम ने अपनी टिप्पणियों पर सफाई दी और स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं था।